जिंदा बेटी का पिता ने किया पिंडदान, भेजा मृत्यु भोज का संदेश

भोपाल 11 जून।

जबलपुर गोहलपुर अमखेरा निवासी चंद्रिका प्रसाद दुबे ने अपनी जीवित बेटी अनामिका दुबे का केवल पिंडदान किया बल्कि उनकी मृत्यु भोज का संदेश अपने वैभव समाजसेवियों के पास भेजकर उन्हें इसमें भी आमंत्रित किया है।

अंतिम चंद्रिका प्रसाद दुबे को ऐसा कदम क्यों उठाते हुए आइए जानते हैं। विशेष चंद्रिका प्रसाद दुबे की बेटी अनामिका दुबे ने एक जिहादी मुस्लिम जाति से निकाह कर लिया था। निकाह के बाद जब बेटी ने घर छोड़ दिया और पिता के समझाने पर भी वह इस निकाह से पीछे नहीं हटी तो चंद्रिका प्रसाद दुबे ने अपनी बेटी अनम दुकाबे का परित्याग कर दिया उन्होंने एक शोक संदेश जारी कर कहा कि उनके बेटे अज्ञाता दुबे का स्वर्गवास हो गया है, जिसकी आत्मा की रचना की रचना मृत्यु भोज और पिंडदान निश्चित है। अब यह शोक संदेश सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और चर्चा का विषय बना हुआ है।

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