दिल्ली में एक बार फिर सक्रीय हुआ कॉकरोच जनता पार्टी, संसद मार्ग थाने के बाहर किया जोरदार प्रदर्शन, पहुंचे सांसद चंद्रशेखर आजाद, 72 घंटे के भीतर होगी गिरफ्तार

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की अगुवाई में बड़ी संख्या में CJP समर्थकों ने आज (शुक्रवार, 4 सितंबर को) फिर जोरदार प्रदर्शन किया। इन लोगों ने नई दिल्ली में संसद मार्ग थाने के बाहर इकट्ठा होकर स्वयंभू हिंदुत्व ‘इन्फ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। CJP की तरफ से ये नई मांग तब हुई है, जब सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज ने एक प्रदर्शनकारी छात्रा के पिता के साथ मारपीट करने का दावा किया है। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि भारद्वाज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद भी इस मौके पर CJP समर्थकों के साथ थे।

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आशुतोष रांका ने कहा, “लगातार हमारी टीम सौरव और हमारी पूरी टीम दिल्ली पुलिस से मांग करती रही कि इन गुंडों को आप गिरफ्तार करें, इन पर हत्या के प्रयास का चार्ज लगाएं लेकिन दिल्ली पुलिस सोती रही. अब देश की राजधानी में हालात ऐसे हो गए हैं कि गुंडे ये खुलेआम कबूल कर रहे हैं कि उन्होंने संजय का सिर फोड़ा, पूरी कोशिश थी उन्हें जान से मारने की.”

 

 

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “जंतर-मंतर पर जब हमारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था तो यहां पर हिंसा हुई. ये अपराधिक गैंग दिल्ली में पहले से भी हिंसा करती आ रही है. ये लोग इतने समय से दिल्ली में खुलेआम क्यों घूम रहे हैं, ये हमारी समझ से परे है. दिल्ली पुलिस बार-बार कह रही थी कि जंतर-मंतर पर 2800 से ज्यादा घोर अपराधियों की पहचान की गई तो आप उन लोगों को ये छूट क्यों देना चाह रहे हैं?”

सौरव ने बताया, “हमने कहा कि उन 2800 अपराधियों की पहचान की जाए और यदि उन्होंने कोई संगीन अपराध किया है तो आप उनके खिलाफ कार्रवाई करें, जेल में डालें… क्या कानून व्यवस्था दिल्ली में इतनी दुर्बल हो गई है? दिल्ली पुलिस को जवाब देना चाहिए। आज हम इसलिए आए हैं क्योंकि तब से लेकर अब तक दिल्ली पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। पहले दिन से हम लोग सभी छात्रों के साथ खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे…” CJP की लीगल टीम, सौरव दास, चन्द्र शेखर आज़ाद, निशु आज़ाद से पुलिस मीटिंग की.

 

स्वतंत्र को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने की तैयारी

जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता निशू आजाद के पिता संजय पर हमला करने वाला स्वतंत्र भारद्वाज बुरी तरह फंस गया है. दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र के खिलाफ दर्ज पुरानी एफआईआर में एक नई धाराएं जोड़ दी हैं. पुलिस ने स्वतंत्र पर एससी-एसटी एक्ट का केस लगाया है. वहीं पीड़ित की मेडिकल जांच के बाद अटेम्प्ट टू मर्डर की धाराएं जोड़ने की बात कही है. स्वतंत्र को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने की तैयारी है.

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दरअसल, डेढ़ महीने पुराना यह मामला पूरी तरह ठंडा पड़ गया था, लेकिन गुरुवार (3 सितंबर) को स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो वायरल हो गया. इसमें स्वतंत्र ने दावा किया कि उसने संजय आजाद पर अपने कड़े (ब्रेसलेट) से हमला किया था. इस हमले में संजय के सिर पर 60 टांके लगे. संजय दलित समुदाय से ताल्लुक रखते हैं.

 

 

स्वतंत्र पर जिन धाराओं में FIR, उनमें कितनी सजा?

स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट की धारा लगाई है. यह एक गैर-जमानती धारा है. इसमें गिरफ्तारी सुनिश्चित है. वहीं, आरोप साबित होने पर स्वतंत्र को 6 महीने से 5 साल तक की सजा हो सकती है. कोर्ट चाहे तो दोषी साबित होने के बाद संबंधित शख्स पर जुर्माना भी लगा सकती है. एससी-एसटी केस में जमानत मिलना भी मुश्किल है.

वहीं स्वतंत्र के खिलाफ पहले जो एफआईआर दर्ज की गई थी, उसमें BNS की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) लगाई गई थी. इस मामले में पुलिस स्वतंत्र से पूछताछ भी कर चुकी है. बीएनस की धारा 115 (2) में 1 साल की जेल की सजा का प्रावधान है. इसी तरह बीएनएस की धारा 126(2) में भी 1 साल की जेल की सजा या जुर्माना का प्रावधान है. अगर पुलिस संजय आजाद की मेडिकल जांच कराने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज पर अटेम्प्ट टू मर्डर का चार्ज लगाती है तो इस मामले में 10 साल की सजा का प्रावधान है. यानी मामला लंबा खिंच सकता है.

अब जानिए बवाली स्वतंत्र भारद्वाज कौन है?

स्वतंत्र भारद्वाज एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर है. जो खुद को स्वतंत्रता सेनानी बताता है. दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान स्वंतत्र पर प्रदर्शनकारियों के ऊपर हमला करने का आरोप लगा. पुलिस स्वतंत्र से इस मामले में पूछताछ भी कर चुकी है.स्वतंत्र का कहना है कि उसने सेल्फ डिफेंस में प्रदर्शनकारियों पर हमला किया.

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उधर, CJP संयोजक अभिजीत दीपके ने हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने पर दिल्ली के टॉप पुलिस अधिकारियों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सीधे DCP सचिन शर्मा को इस मामले में आड़े हाथ लेते हुए उन पर सीधा हमला बोला है और संघी गुंडों का समर्थन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर ताबड़तोड़ कई पोस्ट में IPS अफसर सचिन शर्मा से पूछा है कि क्या ऐसा कर उन्हें शर्म नहीं आती? दीपके ने IPS अफसर पर दो लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने के भी आरोप लगाए।

 

 

‘संघी गुंडा’ अभी तक जेल के पीछे क्यों नहीं?

दीपके ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “@DelhiPolice और DCP सचिन शर्मा को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने दो युवा लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करके वर्दी का अपमान किया है।” एक अलग ट्वीट में दीपके ने लिखा है, “DCP सचिन शर्मा को यह बताना चाहिए कि वह ‘संघी गुंडा’ अभी तक जेल के पीछे क्यों नहीं है। क्या इसलिए, क्योंकि सचिन शर्मा खुद एक कट्टर ‘संघी’ हैं? जैसा कि मुझे उनके ही विभाग के लोगों ने बताया है।”

 

 

दो महीने बाद भी गुंडे खुलेआम घूम रहे

पीड़ित छात्रा निशू आजाद की बात करते हुए दीपके ने एक अन्य पोस्ट में लिखा है, “जब निशु के पिता पर ‘संघी गुंडों’ ने हमला किया, तो वह रोई और DCP सचिन शर्मा और दिल्ली पुलिस से दोषियों को गिरफ्तार करने की गुहार लगाई लेकिन दो महीने बाद भी गुंडे खुलेआम घूम रहे हैं। इस अपराध में मदद करने के लिए DCP सचिन शर्मा पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।” बता दें कि नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था संभालने और राजनीतिक झड़पों को लेकर विवादों में हैं।

 

 

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, ये पूरा विवाद स्वतंत्र भारद्वाज के साक्षात्कार की एक क्लिप इंटरनेट पर प्रसारित होने के बाद शुरू हुआ है। वीडियो में भारद्वाज खुद को एक ‘कट्टर हिंदू’ बताता है। क्लिप में वह प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता की ‘खोपड़ी फोड़ने’ की बात कहता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में भारद्वाज को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “…क्या आपको पता है कि इस अपराध में कौन सी धारा लगती है? धारा 307 । उन्हें 60 टांके लगे थे। उस व्यक्ति को गंभीर हालत में एम्बुलेंस से ले जाया जा रहा था। उनकी बेटी थाने के बाहर खड़ी थी और कह रही थी कि अगर उसके पिता को न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी लेकिन मुझे जेल तक नहीं भेजा गया। दुनिया को यह पता होना चाहिए। मैं पूरी रात बाहर घूमता रहा।”

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स्वतंत्र भारद्वाज के बड़े-बड़े दावे

यूट्यूब पर उपलब्ध करीब एक घंटे के इस साक्षात्कार में भारद्वाज ने राजनीतिक संबंध होने का भी दावा किया है। उसने कहा, “मुझे हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त है और दूसरी बात, कपिल मिश्रा मेरे बड़े भाई हैं। वे कहते हैं कि कपिल मिश्रा ने फोन किया और मुझे छोड़ दिया गया। चिराग पासवान मेरे बड़े भाई हैं। आप कितने नेताओं को जानती हैं? क्या आप (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी को जानती हैं? मोदी जी भी मेरे बड़े भाई हैं। मुझे सभी का समर्थन प्राप्त है।” हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस दावे का खंडन किया है कि संजय के सिर की हड्डी टूट गई थी। पुलिस ने कहा कि हाथापाई के दौरान उन्हें मामूली चोट लगी थी और उनकी शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था।