बेलारूस के राष्ट्रपति से बातचीत के बाद प्रिगोजिन ने रोका सैन्य विद्रोह

वैगनर आर्मी के प्रमुख येवगेनी प्रिगोजिन ने रूस की राजधानी मास्को की ओर अपनी कूच को रोक दिया है। खबर है कि बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको ने वैगनर आर्मी के चीफ से बात की। इसके बाद वह संघर्ष रोकने को राजी हो गए हैं। एलेक्सेंडर ने प्रिगोजिन के सामने मास्को की ओर बढ़ रहे लड़ाकों को रोकने का प्रस्ताव दिया, जिसे वैगनर आर्मी चीफ ने स्वीकार कर लिया। उन्होंने एक ऑडियो मैसेज जारी कर इसकी जानकारी दी। वैगनर आर्मी के चीफ ने अपने लड़ाकों को यूक्रेन के फील्ड शिविरों लौटने का आदेश दिया है। प्रिगोजिन ने कहा कि हम मास्को से 200 किलोमीटर दूर थे। बेलारूस के राष्ट्रपति से बातचीत के बाद हमने अपने लड़ाकों को वापस बुलाने का फैसला किया।

मास्को में रूसी सैनिकों ने बनाईं चौकियां

उधर, राजधानी की ओर वैगनर आर्मी की कूच को देखते हुए मास्को ने अपने दक्षिणी किनारे पर सेना ने बख्तरबंद वाहनों के साथ चौकियां बना ली थी। रेड स्क्वायर को बंद कर दिया गया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वैगनर आर्मी के चीफ ने ऑडियो मैसेज में कहा कि वे (रूसी सरकार) वैगनर सैन्य कंपनी को खत्म करना चाहते थे। हमने 23 जून को न्याय के लिए मार्च शुरू किया। 24 घंटों में हम मास्को की सीमा के 200 किमी के भीतर घुस गए थे। इस दौरान हमने अपने सेनानियों के खून की एक बूंद भी नहीं गिराई।

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वेगनर ने कहा बेलारूस के राष्ट्रपति ने आगे बढ़ने से रोका

वैगनर ने कहा कि हमारे लड़ाके वापस लौट रहे हैं, वे फील्ड शिविरों में जा रहे हैं। बेलारूस के राष्ट्रपति ने हमारी सुरक्षा की गारंटी के बदले में मॉस्को की ओर कूच रोकने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, इस समझौते पर रूस के राष्ट्रपति पुतिन की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं आया है। इससे पहले प्रिगोजिन ने कहा था कि उन्होंने मार्च न्याय के लिए शुरू किया था। जिसका उद्देश्य भ्रष्ट रूसी कमांडरों को हटाना था, जिन्हें वह यूक्रेन में युद्ध को विफल करने के लिए दोषी मानते हैं।

वैगनर ने पीठ में छुरा घोंपा, हम उन्हें दंडित करेंगे

वैगनर की बगावत की खबर आने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा- वैगनर ने पीठ में छुरा घोंपा है। उन्होंने देश की जनता को धोखा दिया है। यह सेना को चुनौती है। हम हर हाल में नागरिकों की रक्षा करेंगे। पुतिन ने कहा- महत्वाकांक्षा और निजी हितों के चलते हमारे साथ विश्वासघात किया गया है। उन्होंने कहा जो कोई विद्रोह करेगा, उसे दंडित किया जाएगा। उन्हें कानून और हमारे लोगों को जवाब देना होगा। जिसने भी जानबूझकर देशद्रोह का रास्ता अपनाया, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हम सभी खतरों के खिलाफ अपने लोगों और देश की सुरक्षा करेंगे।

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