भारत से हथियार वापस लेने पर विचार कर रहा रूस? जानिए क्या है सच्चाई?

फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हुए हमले को एक साल से भी अधिक का समय बीत चुका है। इस घटना के इतने समय के बाद भी रूस को जंग में वह मुकाम हासिल नहीं हो सका, जिसकी उम्मीद में यह लड़ाई शुरू हुई थी। इसके उलट रूस को बड़े पैमाने पर नुकसान का सामना करना पड़ा है। इस नुकसान के बीच अब यह बातें सुनने को मिल रही हैं कि रूस, भारत और म्यांमार से अपने हथियारों को वापस लेने पर भी विचार कर रहा है। इस मामले में एक वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम की रिपोर्ट में यह दावा पेश किया गया है। चलिए जानते हैं यह पूरा मामला क्या है?

निर्यात पर प्रतिबंध
गौरतलब है कि फरवरी 2022 के दौरान रूस के द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण किए जाने के बाद से ही अमेरिका, जापान और अन्य यूरोपीय देशों ने रूस को सैन्य उपयोग वाले सामानों के निर्यात पर बैन लगा दिया था। ऐसे में रूस के पास उन देशों से हथियार वापस लेने के अलावा कोई विकल्प नजर नहीं आ रहा है।

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किन देशों से हथियार मांग रहा रूस?
रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि रूस केवल उन देशों से ही हथियार वापस लेने पर विचार कर रहा है। जिनके साथ उसके पुराने सैन्य संबंध रहे हैं। इस बीच अगर भारत और रूस की बात करें तो जहां एक और रूस दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश है। तो वहीं भारत रूस का सबसे बड़ा ग्राहक बनकर उभरा है। बीते 10 सालों के दौरान ही भारत को रूस के विदेशी हथियारों के शिपमेंट का 35 फीसदी तक निर्यात किया गया है।

कौन से हथियार हैं शामिल?
बताया जा रहा है कि रूस की मिसाइल उत्पादन से जुड़ी एक कंपनी के द्वारा भारत देश के कई अहम पार्ट्स भी ख़रीदे जा चुके हैं। इस कंपनी ने भारत के रक्षा मंत्रालय से अगस्त और नवम्बर 2022 के दौरान जमीन से हवा तक मार करने वाली मिसाइलों के नाईट विज़न के पुर्जे शामिल हैं। इस पुर्जों को 150000 डॉलर में ख़रीदा गया है। हालांकि इस मामले में अभी रखा मंत्रालय या कंपनी की ओर से कोई जवाब सामने नहीं आया है। लेकिन अगर यह सच साबित होता है तो इसका सीधा असर भारत और रूस के रिश्तों पर भी देखने को मिल सकता है।

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