नई दिल्ली
भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता का फ्रेमवर्क जारी होने के बाद वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने शनिवार को विस्तार से उन चीजों के बारे में जानकारी दी है, जिनपर 0 टैरिफ अमेरिका ने लगाया है. उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिका को किसी भी एग्री और डेयरी प्रोडक्ट्स पर छूट नहीं दी है.
उन्होने कहा कि अमेरिका बहुत सी चीजों पर भारत के लिए '0 ' ड्यूटी लगा रहा है, जिसमें जेम्स एंड ज्वैलरी, एग्रीकल्चर चीजें, दवाइंया और अन्य वस्तुएं शामिल हैं.
0 फीसदी टैरिफ वाली वस्तुएं
जेम्स एंड डायमंड, फार्मा , स्मार्टफोन्स, स्पाइसेज, चाय कॉफी, कोकोनट, कोकोनोट ऑयल, वेजिटेबल ऑयल, केस्यू नट्स, मसाले, कई फल और सब्जियां
केला, आम, चीनी , पाइनएप्पल, मसरूम, वेजिटेबल के रूट्स, कोका और कोका से बने वस्तु, प्रोसेस फ्यूटस जैसे अमरूद का जेम्स
एयरक्रॉफॅ्ट के पार्ट्स, मशीनरी पार्ट, फार्मा की वस्तुएं, जेम्स एंड डायमंड्स, कॉइंस प्लैटिनम , इसेशियल ऑयल, एल्युमिनियम पार्ट , जिंक ऑक्साइड, मिनिरल्स और नेचुरल चीजें, नेचुरल रबड आदि
कृषि और डेयरी पर छूट नहीं
उद्योग मंत्री ने कहा कि हमने अमेरिका को डेयरी के किसी भी प्रोडक्ट्स पर छूट नहीं दी है. साथ ही एग्रीकल्चर सेक्टर में भी छूट नहीं दी गई हैं, जो हमारे किसानों के हितों को प्रभावित करतीं. उन्होंने कहा कि मीट , चीनी, पॉल्ट्री, डेयरी, सोयाबीन , मक्का, चावल, गेंहूं , चीनी, ज्वार, बाजरा, रागी, अमरनाथ , फल, ग्रीन टी, कोका, चना , एनीमल सीड्स प्रोडक्ट्स, नॉन-एल्कोहलिक चीजें, इथेनॉल, तंबाकू इन सभी वस्तुओं पर किसी प्रकार की रियायत नहीं दी गई है.
30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट खुला
पीयूष गोयल ने कहा कि 30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कम टैरिफ पर खुल गया है. किसानों और डेयरी को संरक्षित किया गया है. यह फ्रेमवर्क कल देर रात फाइनाइज हुआ. आज देश के कोने-कोने में इसका स्वागत हुआ है.
यह ज्वाइंट स्टेटमेंट हैं हर भारतीय को अवसर देता है. अब अमेरिका 50 प्रतिशत से घटाकर 18 फीसदी टैरिफ कर रहा है. यह पड़ोसी देशों से कम टैरिफ है. यह भारत के लिए आने वाले दिनों में ज्यादा लाभ पहुंचाएगा. उहोंने कहा कि हमारे कम्पटीटर देश जैसे चीन पर 35, वियतनाम पर 20 फीसदी और इंडोनेशिया पर 19 फीसदी टैरिफ है.
आज का दिन काफी खास
पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि आज 2047 तक विकसित भारत बनने की भारत की यात्रा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है. भविष्य को ध्यान में रखते हुए, और दोनों देशों के संबंधों, राजनयिक संबंधों और उनके नेताओं के बीच दोस्ती को देखते हुए, फरवरी 2025 में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू हुई.
इसका मकसद भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच सालाना 500 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हासिल करना था. उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आज का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा. पूरे देश में खुशी की लहर है. देश के हर सेक्टर में भविष्य को लेकर बहुत उत्साह है. ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में नए अवसर खुलेंगे और दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, लगभग तीस ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला संयुक्त राज्य अमेरिका, अब हमारे निर्यातकों के लिए सबसे पसंदीदा राष्ट्र का दर्जा देगा.