एक व्यक्ति के मूत्राशय से निकाला गया 500 ग्राम वजन के 16 पत्थर, अब पूरी तरह से ठीक है मरीज

अकसर आपने सुना होगा कि लोगों को गॉल ब्लैडर या किडनी में पथरी (Stone) हो गई है. पथरी का साइज भी ज्यादा बड़ा नहीं होता है. ये 5 एमएम से लेकर 10 एमएम की पाई जाती है.

कुछ गंभीर मामलों में पथरी का साइज इससे ज्यादा होता है, लेकिन दिल्ली के एक अस्पताल में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक व्यक्ति के मूत्राशय (urinary bladder) से 500 ग्राम वजन के 16 पत्थरों को निकाला है. मरीज को यूरिन करने में परेशानी हो रही थी और काफी समय से पेट के निचले हिस्से में दर्द भी हो रहा था. मरीज को कुछ समय पहले लकवा से पीड़ित हो गया था. उसको चलने फिरने में भी परेशानी हो रही थी.

दिल्ली के इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर में उनका इलाज चल रहा था. आईएसआईसी के डॉ. प्रशांत जैन ने कहा कि मूल रूप से मध्य प्रदेश के मुरैना का रहने वाले दीपक दो साल पहले घर में ऊंचाई से गिरने से रीढ़ की हड्डी में चोट के शिकार हो गए थे. इस मरीज को लकवा मार गया था. लकवाग्रस्त सभी मरीजों में लोअर यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन होते हैं. डॉ. ने कहा कि पीड़ित का यूरिनरी ब्लैडर ठीक से काम नहीं कर रहा था . जब मरीज की जांच की तो उनके मूत्राशय में कई पत्थर दिखे, जो धीरे धीरे बढ़ रहे थे. गंभीर स्थिति को देखते हुए मरीज का एक्सरे के अलावा सीटी स्कैन और कई तरह के टेस्ट किए गए, जिसमें पता चला कि मरीज के यूरिनरी ब्लैडर में 16 पत्थर हैं. ऐसे में उसकी स्थिति गंभीर हो सकती थी. मरीज की जान बचाने के लिए सजर्री करने का फैसला लिया गया. उसकीकाउंसलिंग की गई और फिर ओपन सिस्टोलिथोटॉमी प्रक्रिया द्वारा पथरी को एक बार में हटाया गया.

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डॉ. जैन ने कहा कि इस केस में राहत की बात यह था कि मरीज कीकिडनी में कोई पथरी नहीं थी. उनकी किडनी अच्छे से काम कर रही थी. मूत्राशय में एक छेद के माध्यम से सभी 16 पत्थरों को निकाला गया. यह छेद सुप्राप्यूबिक एरिया में बनाया गया था. सभी पत्थरों को एक बार में निकाला गया और फिर ब्लैडर और घाव को ठीक किया गया . मरीज अब पूरी तरह से ठीक है.

डॉ प्रशांत जैन के अनुसार, ज्यादातर लकवाग्रस्त मरीजों में यह समस्या होना आम बात होती है, क्योंकि इस अवस्था में उनका ब्लैडर सही प्रकार से काम नहीं कर रहा होता है. डॉ. ने कहा कि यूरिनरी ब्लैडर शरीर का एक जरूरी अंग है. इसका काम यूरिन को ब्लैडर में एकत्र करना होता है. जरूरत के हिसाब से इसमें से यूरिन बाहर निकलला है. डॉ. ने कहा कि अगर किसी को यूरिन करने में परेशानी आ रही है तो एक बार जांच करा लेनी चाहिए. ये यूरिनरी ब्लैडर में किसी कमी का लक्षण हो सकता है.

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