आयुष्मान कार्ड से गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा सरकार ने दी है। जिले में अभी तक 70 प्रतिशत लोगों ने कार्ड तो बनवा लिया है, लेकिन अभी भी 30 प्रतिशत लोगाें का आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाया है। आयुष्मान कार्ड नहीं होने पर गंभीर बीमार होने पर ऐसे लोगों को इलाज की सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाएं नहीं मिल पाएंगी।
ऐसे लोगों को इलाज का खर्च खुद ही उठाना पड़ेगा। ऐसी परेशानी लोगों को न हो इसलिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में डोर टू डोर सर्वे, गांव गांव में कैंप लगाया गया परन्तु इसके बावजूद भी सभी लोगों ने कार्ड नहीं बनवाया है, सबसे अधिक अकलतरा और बलौदा ब्लॉक के लोग छूटे हैं, इसलिए एक बार फिर सीएससी ऑपरेटरों के माध्यम से शिविर लगाने की तैयारी की जा रही है।
आयुष्मान कार्ड योजना राज्य में यह योजना डॉ खूबचंद बघेल के नाम से संचालित है। जिले में 16 लाख लोगों का कार्ड बनाने का टारगेट है जिसमें से 11 लाख लोगों का कार्ड बना लिया गया लगभग 5 लाख ऐसे लोग हैं जिनका अब भी आयुष्मान कार्ड बनना बाकी है। जिले के अकलतरा में 41 हजार 094 और बलौदा में 15 हजार 773 एेसे लोग है जिनका कार्ड नहीं बना है।
मात्र राशन कार्ड दिखाकर आयुष्मान से इलाज की सुविधा अब नहीं मिलेगी। इसके लिए मरीजों को पूर्व में बना अपना आयुष्मान कार्ड या मोबाइल नंबर से लिंक आधार कार्ड रखना होगा। नहीं होने की दशा में मरीज के अंगूठे की बायोमेट्रिक जांच से पहचान की जाएगी। डाटा बेस से मैच कर जाने पर उसे आयुष्मान योजना के तहत अस्पताल भर्ती ले लेंगे। दुर्घटना में घायल या अन्य प्रकार की किसी इमरजेंसी में पहुंचने वाले मरीजों के अंगूठे की बायोमेट्रिक पहचान नहीं कर पाने की दशा में उनके आधार से पहचान की जाएगी।
अकलतरा और बलौदा में लगभग 56 हजार हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है। अन्य ब्लॉक में आयुष्मान कार्ड से वंचित लोग हजारों की संख्या में है। जिन्हें इस योजना से जोड़ने के लिए एक बार फिर आयुष्मान 3.0 अभियान के तहत शिविर लगाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने सीएससी ऑपरेटर के माध्यम से अकलतरा ब्लॉक में 16 नवंबर तक कैंप लगा कर आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। इसी प्रकार बलौदा में 17 नवंबर तक कैंप लगाकर निशुल्क आयुष्मान कार्ड बनाया जाएगा।
जिले में लगभग 70 प्रतिशत लोगों का आयुष्मान कार्ड बना गया है, जिले के सीएससी सेंटरों और जिला अस्पताल में कार्ड बनाए जा रहे हैं। सर्वर खराब होने के कारण कार्ड बनाने में समस्या आ रही है। साथ ही हर माह रोज नए राशन कार्ड बन रहे इसलिए परिवार की संख्या बढ़ जाने के कारण टारगेट बढ़ जाता है। बुजुर्गों व बच्चों के आधार कार्ड मेच नहीं होने के कारण भी समस्या होती है।
डॉ आरके सिंह, सीएमएचओ जांजगीर