नई दिल्ली.
तुलसी का पौधा हर घर की आत्मा माना जाता है। यह न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि वास्तु और स्वास्थ्य के नजरिए से भी बेहद अहम है। अक्सर हम देखते हैं कि कभी तुलसी अचानक हरी-भरी हो जाती है, तो कभी बिना किसी कारण के सूखने लगती है।
मान्यताओं के अनुसार, तुलसी के ये बदलाव हमारे जीवन में आने वाली खुशियों या परेशानियों का पहले ही संकेत दे देते हैं। यहां तुलसी के पौधे से जुड़े उन शुभ संकेतों और नियमों के बारे में बताया गया है, जो घर में सुख-समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा लाते हैं:
1. तुलसी का अचानक हरा-भरा होना
अगर आपके आंगन में लगी तुलसी अचानक बहुत ज्यादा हरी-भरी और घनी हो गई है, तो यह एक बेहद शुभ संकेत है। इसका अर्थ है कि आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ रहा है और जल्द ही आपको कोई अच्छी खबर या धन लाभ मिल सकता है।
2. मंजरियों का आना
तुलसी के पौधे पर मंजरी आना शुभ माना जाता है, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर मंजरी बहुत ज्यादा हो जाएं, तो उन्हें समय-समय पर हटाकर भगवान विष्णु को अर्पित कर देना चाहिए। कहा जाता है कि बहुत ज्यादा मंजरी पौधे पर रहने से तुलसी 'तनाव' महसूस करती है, और उन्हें हटाने से घर का बोझ कम होता है।
3. पक्षियों का आगमन
अगर आपके घर की तुलसी पर चिड़ियां या अन्य पक्षी आकर बैठते हैं और चहचहाते हैं, तो समझ लीजिए कि आपके घर में खुशहाली का समय आने वाला है। पक्षियों का तुलसी के पास आना वातावरण के शुद्ध और मंगलमय होने का प्रतीक माना जाता है।
4. तुलसी के पास छोटे पौधों का उगना
अगर मुख्य तुलसी के गमले के आसपास अपने आप छोटे-छोटे तुलसी के पौधे उगने लगें, तो यह वंश वृद्धि और सौभाग्य का सूचक है। यह दर्शाता है कि देवी लक्ष्मी आपसे प्रसन्न हैं।
तुलसी की देखभाल के जरूरी नियम
दिशा का चुनाव: तुलसी को हमेशा उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में लगाना चाहिए। इस दिशा में रखने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
शाम का दीपक: रोजाना शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
विशेष दिनों का ध्यान: एकादशी, रविवार और सूर्य ग्रहण के दिन तुलसी को जल नहीं चढ़ाना चाहिए और न ही इसके पत्ते तोड़ने चाहिए।