हायरसेकंडरी में 90 फीसद अंक, शून्य और एक अंक देकर कर दिया अनुत्तीर्ण

पीजी कालेज में शनिवार की दोपहर एक बजे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के साथ बीएससी सेकंडईयर की परीक्षा में अनुत्तीर्ण छात्र प्राचार्य को कुलपति के नाम ज्ञापन देकर गुहार लगाते नजर आए। उनका कहना था कि सर हायरसेकंडरी की परीक्षा में 90 फीसद अंक के साथ उत्तीर्ण हुए थे, लेकिन बीएससी सेकंड-ईयर के सेमेस्टर में शून्य और एक अंक देकर अनुत्तीर्ण कर दिया गया।

छात्रों की मांग थी कि उनकी उत्तरपुस्तिकाओं का पुनर मूल्यांकन कराया जाए। नहीं तो आगामी दिनों में वह जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में आंदोलन करेंगे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री पीयूष मिश्रा 30 से अधिक कार्यकर्ता और छात्रों के साथ पीजी कालेज के प्राचार्य के दफ्तर के सामने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्राचार्य डा.वी.के. तिवारी से परीक्षा में शून्य से एक अंक आने को लेकर नाराजगी जाहिर जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति को लेकर की।

छात्रों का कहना था कि हायरसेकंडरी की परीक्षा में वह प्रथम श्रेणी 90 फीसद अंक से पास होते हैं, लेकिन जीवाजी विश्वविद्यालय उन्हें शून्य अंक दे रहा है, जिससे नाखुश है। छात्रों ने कहा कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का तत्काल मूल्यांकन कराकर दोबारा परीक्षा परिणाम घोषित किया जाए।

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पीजी कालेज प्राचार्य डा.वी.के तिवारी ने बताया कि 25 से 30 छात्रों के सेमेस्टर में शून्य और एक -दो अंक आए हैं। उनकी उत्तरपुस्तिकाओं के पुनर मूल्यांकन को लेकर कुलपति को आवेदन छात्रों का भेज दिया जाएगा। जीवाजी विश्व विद्यालय जो निर्णय लेगा। आगे की कार्रवाई की जाएगी।