बलरामपुर में एक महिला शिक्षक प्रतिदिन नदी पार करके बच्चों को पढ़ाने धौरपुर के प्राथमिक स्कूल जाती हैं. कर्मिला टोप्पो ने बताया, “यहां मेरे रास्ते में 2 नदी पड़ती हैं, जिन्हें पार करके मैं आती हूं. इसके अलावा कोई रास्ता नहीं है. बच्चों के भविष्य के लिए मैं प्रतिदिन आती हूं.”
बता दें कि कर्मिला वाड्रफनगर में अपने दोनों बच्चों के साथ रहती हैं और उनके पति खुद एक शिक्षक है. जिनकी पोस्टिंग जिले के दूसरे विकासखंड में है. कर्मिला वाड्रफनगर से स्कूटी से आती है और फिर नदी से लगे हुए मढ़ना गांव में स्कूटी को खड़ा करके करीब तीन किलोमीटर तक पैदल अपने स्कूल धौरपुर पहुंचती है. लेकिन इस बीच में पड़ने वाली नदी भी कर्मिला के रास्ते को नहीं रोक पाती है और कमर तक पानी मे नदी को पार करके कर्मिला अपने स्कूल जाती है. जहां पर करीब 10 बच्चे प्राथमिक स्कूल में पढ़ने के लिए आते हैं और जोखिम भरे रास्ते को तय करके कर्मिला यहां तक पहुंचती है.
कर्मिला टोप्पो को नदी पार करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. जान जोखिम में डालकर वह नदी पार कर स्कूल पहुंचती हैं. बलरामपुर जिले के कलेक्टर रिमिजियुस एक्का ने कर्मिला टोप्पो के पढ़ाने के जुनून की तारीफ की है. उन्होंने कहा कि ‘निश्चित तौर पर ये शिक्षिका अपना काम बहुत निष्ठा से कर रही हैं. मैं बाकी शिक्षकों से भी ऐसे काम की अपेक्षा रखूंगा. अन्य शिक्षक भी अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठावान रहें और समय से स्कूल पहुंचे.’
निश्चित तौर पर ये शिक्षिका अपना काम बहुत निष्ठा से कर रही हैं। मैं बाकी शिक्षकों से भी ऐसे काम की अपेक्षा रखूंगा। अन्य शिक्षक भी अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठावान रहें और समय से स्कूल पहुंचे: रिमिजियुस एक्का, कलेक्टर बलरामपुर pic.twitter.com/t2oh6M2afi
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 23, 2023