विधायक पत्नी का टिकट काट कांग्रेस ने उतारा पति को, कर गई अपना दर्द बयाँ, जाने क्या कहा 

कांग्रेस ने राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव में रामगढ़ (अलवर) सीट से जुबैर खान को उतारा है. मौजूदा समय में इस सीट से उनकी पत्नी शफिया कांग्रेस की विधायक हैं. ऐसे में उन्हें उम्मीद पार्टी उन्हें दोबारा चुनाव लड़ने का मौका जरूर देगी. शफिया की उम्मीदों पर पानी तब फिर गया जब कांग्रेस ने उनके पति जुबैर को टिकट दे दिया. अब ऐसे में शफिया के लिए कहीं खुशी कहीं गम वाली बात हो गई है. एक तरफ वो अपने पति को टिकट मिलने पर खुशी भी जता रही तो दूसरी तरफ उन्हें खुद को टिकट ना मिल पाने का अफसोस भी है.

इस मामले पर शफिया का कहना है कि कांग्रेस पार्टी ने एक बेहतर शख्स को टिकट दिया है. हालांकि बातों ही बातों में शफिया अपना दर्द भी बयां कर गई. उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपना हक पाने के लिए काफी मेहनत काफी संघर्ष करना पड़ा है. उनके इस बयान से टिकट न मिल पाने का दर्द साफ तौर पर जाहिर हो रहा है.

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आपको बता दें कि जुबैर के लगातार 2 बार चुनाव हारने के बाद कांग्रेस ने उनकी पत्नी शफिया पर दांव लगाया था. 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की तरफ से शफिया ने ना सिर्फ चुनाव लड़ा बल्कि जीत भी दर्ज की. ऐसे में उम्मीद थी कि कांग्रेस एक बार फिर से उन्हें मौका जरूर देगी, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी उस वक्त फिर गया जब उनके पति जुबैर खान को टिकट मिल गया.

इस बीच जुबैर खान ने कहा कि कांग्रेस ने उनकी पत्नी शफिया को कई बार मौका दिया है. विधायक बनने से पहले वो दो बार जिला परिषद सदस्य और एक बार जिला प्रमुख रह चुकीं हैं. इसके साथ ही शफिया को किसी दूसरी जगह से टिकट मिलने पर उन्होंने कहा कि एक परिवार से दो लोगों को टिकट नहीं दिया सकता. ऐसे बहुत से लोग हैं जो पार्टी के लिए मेहनत कर रहे हैं ऐसे में उन्हें भी मौका मिलना चाहिए. गौरतलब है कि जुबैर भी एक अनुभवी नेता हैं. उन्होंने साल 1990, 1993 और 2003 में इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. इसके साथ ही वो एआईसीसी के पूर्व सचिव और उत्तर प्रदेश के प्रभारी हैं. मौजूदा समय में वो मेवात विकास बोर्ड के अध्यक्ष हैं.

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