उत्तर प्रदेश के बिल्हौर में अरौल थाना क्षेत्र के गजना गांव में सौतेली मां ने आठ साल की बेटी को पीट-पीटकर मार डाला। लोगों का कहना है कि फरजाना भीख मंगवाने को लेकर आए दिन बेटी को मारती थी। पुलिस ने आरोपी सौतेली मां को हिरासत में लिया है।
कानपुर के बिल्हौर में अरौल थाना क्षेत्र के गजना गांव में शनिवार की शाम दिल दहलाने वाली घटना हुई। सौतेली मां ने आठ वर्षीय बेटी को पीट-पीटकर बेदम कर दिया। डंडे से पीटने के बाद कई बार फर्श पर पटका। इसके बाद में घर की छत पर मौरंग के ढेर में दबाकर ऊपर से ताड़ के पत्ते डाल दिए। पड़ोसियों के देख लेने और पति के पूछने पर घटना का पता चला। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने लहूलुहान बेटी को सीएचसी बिल्हौर में भर्ती कराया। वहां उसकी नाजुक हालत देख डॉक्टरों ने कानपुर हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। कानपुर ले जाते समय बच्ची ने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने आरोपी सौतेली मां को हिरासत में लिया है। थानाध्यक्ष अरौल अखिलेश कुमार ने बताया कि गजना गांव निवासी टैक्सी चालक अनीस की पहली पत्नी रुकसत का पांच साल पहले निधन हो गया था। उसके चार बच्चे रेहान (10), रेहाना (8), बाहिद व शानू हैं।
बेटी को पहले पहले डंडे से बेरहमी से पीटा
अनीस ने लगभग चार वर्ष पहले बिहार निवासी फरजाना से निकाह किया और गांव में रहने लगा। फरजाना से उसका एक डेढ़ वर्षीय पुत्र भी है। शनिवार को अनीस टैक्सी लेकर गया था। शाम तकरीबन छह बजे पत्नी फरजाना ने पुत्री रेहाना को पहले डंडे से बेरहमी से पीटा।
छत पर मौरंग के ढेर में डालकर पत्तों से ढक दिया
फिर कई बार फर्श पर पटक-पटक कर बेदम कर दिया। इसके बाद में छत पर मौरंग के ढेर में ताड़ के पत्ते डालकर ढक दिया। पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना देने के साथ पति अनीस को जानकारी दी। पति के डांट फटकार लगाने पर पूरी घटना खुल सकी। पुलिस ने आनन-फानन में रेहाना को सीएचसी बिल्हौर में भर्ती कराया।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
वहां हालत नाजुक होने पर उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। कानपुर ले जाते समय रास्ते में रेहाना की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी सौतेली मां को हिरासत में लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।वहीं, घटना को लेकर लोगों का कहना है कि महिला अक्सर झगड़ा और मारपीट करती है।
शव को ठिकाने लगाने की थी योजना
गजना गांव में सौतेली मां की पिटाई से बच्ची की मौत के मामले में पड़ोसियों व परिजनों ने आशंका जताई है कि आरोपी मां शव को ठिकाने लगाकर घटना दबाने की फिराक में थी। यदि पड़ोसियों की नजर न पड़ती तो घटना की भनक भी नहीं लगती।ग्रामीणों ने बताया कि फरजाना बेहद शातिराना अंदाज में लोगों से भिड़ती थी, एक माह पहले ही चूल्हे के गर्म तवा से अपने सौतेले बच्चों पर हमला कर दिया था, जब अनीस से रोका तो उससे झगड़ पड़ी।
मौरंग के ढेर में ढकने के बाद घरेलू काम में जुट गई
फरजाना ने पहले मोटे डंडे से रेहाना के सिर, छाती, पीठ, हाथ, पैर पर कई बार किए, फिर कई बार जमीन पर पटककर लहूलुहान कर दिया। इसके बाद बेदम हालत में रेहाना को छत पर मौरंग के ढेर में दबाकर ताड़ के पत्ते से ढक दिया और चुपचाप नीचे आकर घरेलू काम करने लगी।
फरजाना की मोहल्ले में किसी से नहीं बनती
ग्राम प्रधान अक्षत कटियार ने बताया कि आरोपी फरजाना की घर ही बल्कि पूरे मोहल्ले में किसी भी महिला पुरुष ने नहीं बनती। अक्सर झगड़ा और मारपीट की घटनाएं होती हैं। कई बार वह भी फरजाना से हुए विवाद की पंचायत कर चुके हैं, समझा चुके हैं, लेकिन फरजाना का स्वभाव कतई नहीं बदला।
भीख न मांगने को लेकर बच्चों को पीटती थी
ग्राम प्रधान अक्षय कटियार ने बताया कि पूरा मामला बच्चों से भीख मंगवाने को लेकर है। मोहल्ले के लोगों ने उन्हें बताया है कि फरजाना रेहान और मृतका रेहाना से भीख मंगवाने के लिए अक्सर डांटती मारती थी, जब अनीस मना करता था तो उससे भी फरजाना भिड़ जाती थी। शनिवार को इसी बात को लेकर पहले फरजाना और अनीस में विवाद हुआ था, अनीस के घर से गाड़ी चलाने के लिए जाने के बाद घटना को अंजाम दिया गया।
पहली पत्नी के चार और दूसरी पत्नी के एक बच्चा
अनीस के चचेरे भाई शराफत ने बताया कि अनीस की पहली पत्नी से उसके चार बच्चे रेहान (10), रेहाना (8), बाहिद व शानू हैं, जबकि फरजाना की गोद में एक डेढ़ वर्षीय लड़का है। घर में खाने पीने को लेकर झगड़ा, मारपीट और सामान फेंकना आम बात है।
आरोपी फरजाना सास को भी घर से चुकी है निकाल
मृतका अनीश के चचेरे भाई शराफत ने बताया कि दूसरे निकाह के बाद अनीश के परिवार में रोज कलह होना आम बात हो गई। फरजाना ने करीब एक वर्ष पहले ही अपनी सास को गाली-गलौज, पीटकर घर से निकाल दिया था, अब अनीस की मां अपनी पुत्री के यहां कन्नौज में रह कर गुजर बसर कर रही हैं।