सुपरस्टार थलपति विजय की राजनीति में धांसू एंट्री, लॉन्च किया पार्टी का झंडा

हैदराबाद
तमिल एक्टर थलपति विजय ने राजनीति में धांसू एंट्री की है. एक्टर ने आज, 22 अगस्त को अपनी तमिलागा वेट्ट्री कजगम पार्टी का झंडा का अनावरण किया है. एक्टर ने पार्टी के यूट्यूब चैनल पर झंडे के झलक के साथ फ्लैग एंथम भी साझा किया है.

गुरुवार को थलपति ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर तमिलागा वेट्ट्री कजगम पार्टी के झंडे की तस्वीर पोस्ट की और कैप्शन में लिखा है, ‘तमिलनाडु विजय निगम’. झंडे का रंग ऊपर और नीचे लाल रंग का है, वहीं, बीच की पट्टी पीले रंग का है. इस दो हाथी और एक पोहुतुकावा का फूल है, जो जीत का प्रतीक है. झंडे का अनावरण करते हुए विजय ने कहा कि टीवीके झंडा का महत्व स्टेट लेवल कॉन्फ्रेंस के दौरान उजागर किया जाएगा, जो शीघ्र ही आयोजित किया जाएगा.

वहीं, एक्टर ने तमिलागा वेट्ट्री कजगम पार्टी के यूट्यूब पर फ्लैग एंथम का वीडियो पोस्ट किया है. यह एक एनिमेटेड वीडियो है, जिसमें राज्य में जनता पर हो रहे अत्याचार पर की झलक दिखाई गई. इस बीच पार्टी के झंडे की झलक दिखाई गई है. साथ पार्टी के लक्ष्य के बारे में भी दिखाया गया है.

See also  ठंड ने दी दस्तक : नागौर और फतेहपुर सबसे ठंडे, 11 जिलों में बारिश का अलर्ट

2 फरवरी को विजय ने टीवीके के लॉन्च की घोषणा की, जिसमें पारदर्शी, जाति-मुक्त और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन के साथ ‘मौलिक राजनीतिक परिवर्तन’ के प्रति अपने विचारों को व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि पार्टी 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ेगी.

एक्टर ने कहा, ‘हमारा लक्ष्य आगामी 2026 विधानसभा चुनाव लड़ना और जीतना है और लोगों की चाहत के मुताबिक मौलिक राजनीतिक परिवर्तन लाना है.’ बता दें , तमिल सुपरस्टार ने अपने पार्टी की शुरुआत करने से पहले जनवरी में फैन क्लब विजय मक्कल इयक्कम के साथ एक बैठक की थी, जिसमें फैन क्लब ने उन्हें नई राजनीतिक पार्टी के गठन को मंजूरी दे दी.

फिलहाल इस अनावरण के साथ यह साफ हो गया है कि थलापति विजय (Thalapathy Vijay) अब केवल सिनेमा तक सीमित नहीं रहेंगे। वे तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उनके इस नए कदम से तमिलनाडु (Tamil Nadu) की राजनीति में नई संभावनाओं का उदय हुआ है और आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि टीवीके (TVK) और थलापति विजय (Thalapathy Vijay) का राजनीतिक सफर कैसा रहेगा।

See also  अग्निपरीक्षा में भी बेदाग साबित हुई थी ईवीएम, शीर्ष अदालत ने निहित स्वार्थ वालों को लगाई थी फटकार