सांस रोककर हत्यारों से योग टीचर ने बचाई अपनी जान, जंगल में शोषण कर घोटा था तार से गला

कर्नाटक के बेंगलुरु से एक हैरान करने वाली घटना प्रकाश में आई है। ऐसी घटना जिसे सुन आपको लगेगा ये हकीकत या फिल्म का सीन। दरअसल मामला देवनहल्ली के पास का है। यहाँ एक योगा टीचर का कुछ लोगों ने अपहरण किया और जंगल में ले जाकर उन्हें मारने की कोशिश की। अपहरणकर्ता अपने मंसूबों में कामयाब हो ही जाते अगर योगा टीचर सही समय पर अपनी सांस रोककर मरने की एक्टिंग नहीं करती।

मामला 23 अक्तूबर 2024 का है। पुलिस ने इस मामले में महिला, किशोर समेत आरोपितों को गिरफ्तार किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एक बिंदु नाम की महिला को शक था कि योगा टीचर की उसके पति के साथ नजदीकी है। ऐसे में उसने अपने दोस्त सतीश रेड्डी, जो जासूसी एजेंसी चलाता था, उसको महिला पर नजर रखने को कहा।

सतीश योगा सीखने के बहाने महिला के संपर्क में आया और फिर उससे बोला कि वो राइफल शूटिंग सेशन के लिए उसके घर के पास चले। योगी टीचर जैसे ही कार में गई, वहाँ तीन आदमी, एक लड़का भी आ गए। इसके बाद गाड़ी रुकी धनमित्तेनहल्ली, सिडलग हट्टा तालुक के एक जंगली इलाके में।

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यहाँ इन सबने महिला को धमकाया, उसके कपड़े उतारे, उसका शोषण किया और फिर उसके केबल से गला घोंट उसे मारने का प्रयास किया। इसी दौरान महिला ने अपनी सांस रोक ली। अपहरणकर्ताओं को लगा कि वो मर गई है। उन्होंने एक गड्ढे में उसका शव डाल उसपर हल्की सी मिट्टी डाल दी।

जैसे ही आरोपित वहाँ से गए। महिला जगी। अपने ऊपर की मिट्टी हटाई और भागते हुए आकर अस्पताल में एडमिट हुई। शिकायत देने के बाद जाकर ये पूरा मामला खुला। पुलिस ने इस मामले में बिंदु नाम की महिला के अलावा उसके दोस्त सतीश रेड्डी (40), रमना (34), नागेंद्र रेड्डी (35), रविचंद्र (27) और एक नाबालिग लड़के को भी गिरफ्तार किया है। सतीश, रमना और नागेंद्र आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं, जबकि रविचंद्र और लड़का रायचूर जिले के रहने वाले हैं।