कवर्धा में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने देर से आने वाले कर्मचारियों को कान पकड़कर उठक-बैठक लगवाई

कवर्धा 

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सरकारी कार्यालयों में अनुशासन की नई मिसाल कायम हुई है। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने देर से ऑफिस पहुंचने वाले कर्मचारियों को ऐसा सबक सिखाया कि अब शायद ही कोई समय पर न आए। जिला पंचायत कार्यालय के मुख्य द्वार पर हाजिरी रजिस्टर लेकर खुद बैठ गए कलेक्टर साहब और जो भी लेटलतीफ कर्मचारी दिखा, उससे कान पकड़वाकर उठक-बैठक कराई। इस अनोखे दृश्य का वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
गेट पर कलेक्टर, हाथ में रजिस्टर

गुरुवार सुबह कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जिला पंचायत कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। सुबह 10 बजे के बाद भी कई कर्मचारी अपनी कुर्सियों पर नदारद थे। बस फिर क्या, कलेक्टर ने कुर्सी जमा ली और कार्यालय के मुख्य द्वार पर डेरा डाल दिया। कलेक्टर ने देरी से दफ्तर पहुंचने वाले कर्मचारियों की क्लास लगा दी। उन्होंने कर्मचारियों को कान पकड़कर माफी मांगने और उठक-बैठक करने को कहा गया।
क्यों सख्त हुए कलेक्टर साहब?

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कवर्धा में सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की समयबद्धता पर सवाल उठते रहे हैं। पंचिंग मशीन के बावजूद कई कर्मचरारी समय पर नहीं पहुंचते, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। कलेक्टर ने कहा, 'जनता के लिए काम समय पर हो, यह सुनिश्चित करना हमारा फर्ज है। अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी।' इस कार्रवाई के बाद कर्मचारियों ने भविष्य में समय पर आने का वचन दिया।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। कुछ लोग कलेक्टर की तारीफ कर रहे हैं, कह रहे हैं कि ऐसी सख्ती जरूरी थी।