नाइजर में आतंकियों के चंगुल में फंसे रंजीत सिंह, उमर अब्दुल्ला ने PM मोदी से की मदद की अपील

नाइजर
पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजर के डोसो क्षेत्र में बीती 15 जुलाई को बड़ा आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने दो भारतीयों की भी हत्या कर दी थी। वहीं जम्मू-कश्मीर के रामबन के रहने वाले रंजीत सिंह को किडनैप कर लिया गया था। अब उनका परिवार मोदी सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी मोदी सरकार से उन्हें वापस लाने के प्रयास करने की अपील की है।

जानकारी के मुताबिक रंजीत सिंह एक कंस्ट्रक्शन साइट पर काम कर रहे थे, तभी हथियारबंद आतंकियों ने हमला कर दिया। उमर अब्दुल्ला के कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, रंजीत सिंह की किडनैपिंग को लेकर सीएम अब्दुल्ला बेहद चिंतित हैं। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मामले में दखल देने की गुजारिश की है ताकि रंजीत सिंह को सुरक्षित वापस लाया जा सके।

कौन हैं रंजीत सिंह?
रंजीत सिंह की पत्नी शीला देवी ने शनिवार को मोदी सरकार से पति की सुरक्षित वापसी के लिए गुहार लगाई थी। उन्होंने बताया कि रंजीत ट्रांसरेल लाइटिंग लिमिटेड में सेफ्टी ऑफिसर थे। रामबन के चक्काकुंडी गांव में उनका परिवार रहता है। रंजीत सिंह के तीन बच्चे हैं। 15 जुलाई के बाद शीला देवी की पति से बात नहीं हो पाई। शीला ने कहा, 15 जुलाई को उनसे वॉट्सऐप पर बात हुई थी। मैनेजमेंट को फोन किया तो उन्होंने बताया कि साइट पर नेटवर्क नहीं रहते हैं। शीला देवी को पति की किडनैपिंग की जानकारी अगले दिन मिली। उनके एक दोस्त ने आतंकी हमले के बारे में बताया। वहीं मैनेजमेंट का कहना है कि आतंकियों से डरकर वह जंगल में भाग गए हैं।

See also  KADIZ में दहशत: रूस-चीन के सैन्य विमान घुसे, साउथ कोरिया ने तुरंत उठाया बड़ा कदम

शीला देवी ने कहा, ऐसा लगता है कि उनके पति को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस कंपनी में रंजीत सिंह काम करते थे, उसकी तरफ से भी कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। शीला देवी ने कहा, अगर विदेश मंत्रालय चाहेगा तभी उनके पति की सकुशल वापसी हो सकती है।