राज्य के विकास में प्रदेश के मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्षों के योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अविभाजित मध्यप्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रहे पं. रविशंकर शुक्ल की जयंती पर शनिवार को विधानसभा के सेंट्रल हॉल में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, विधायक भगवानदास सबनानी सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

विधानसभा अध्यक्ष तोमर की पहल स्वागत योग्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश गठन के बाद पहले मुख्यमंत्री रहे पं. रविशंकर शुक्ल ने प्रदेश के विकास के लिए आधारभूत रूप से जो कार्य आरंभ किया, उस नींव पर ही प्रदेश के वर्तमान स्वरूप ने आकार लिया है। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा राज्य के श्रद्धेय मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्षों की जयंती पर उन्हें स्मरण करने की परम्परा आरंभ करने की पहल स्वागत योग्य है। राज्य के विकास में इन पुण्यात्माओं के योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराने में उनके स्मरण का यह नवाचार सहायक होगा।

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विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने भी की मीडिया से चर्चा

विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश के श्रद्धेय मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्षों के योगदान का स्मरण किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 1956 को मध्यप्रदेश राज्य का गठन हुआ। प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री श्रद्धेय पं. रविशंकर शुक्ल जी के जीवन और संघर्ष से हम सभी प्रेरणा लेते हैं। आज उनकी जयंती है, उन्हें स्मरण कर ईश्वर से यही प्रार्थना है कि हम सभी को उनके बताए मार्ग पर चलने की शक्ति और सामर्थ्य प्रदान करें।