2030 के बाद खत्म होगा माउस-कीबोर्ड का जमाना, AI देगा लैपटॉप को नया रूप

दुनिया हाईटेक होती जा रही है, AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के आने के बाद तो गति और बढ़ गई है। क्या आपने कभी कल्पना की है कि बिना कीबोर्ड और माउस के लैपटॉप चला रहे हैं? सुनने में ये थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन 5 साल के भीतर ही आपको ये बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। 2030 तक आपको ऐसे लैपटॉप देखने को मिल जाएंगे जिनमें कीबोर्ड या माउस की जरूरत नहीं होगी। ये लैपटॉप आपकी आवाज या इशारों पर ही काम करने लगेंगे। यह फिलहाल भले कल्पना से परे लगता हो, लेकिन माइक्रोसॉफ्ट के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट डेविड वेस्टन का कहना है आने वाले टाइम में माउस और कीबोर्ड का इस्तेमाल पुराना हो जाएगा।

माइक्रोसॉफ्ट का सपना
दरअसल, माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में यूट्यूब पर एक नया वीडियो जारी किया है। इसमें बताया गया है कि अगले पांच सालों में हम विंडोज का इस्तेमाल किस तरह करेंगे। वीडियो का नाम है 'माइक्रोसॉफ्ट विंडोज 2030 विजन'। इसमें दिखाया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारे कंप्यूटर और लैपटॉप के साथ बातचीत को और आसान बनाएगा।

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माउस और कीबोर्ड की जरूरत नहीं होगी
माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े डेविड वेस्टन का दावा है कि माउस और कीबोर्ड का इस्तेमाल फ्यूचर में पुराना लगने लगेगा। जैसे आज की Gen Z को पुराने DOS सिस्टम का इस्तेमाल करने में अजीब महसूस होता है, कुछ साल बाद हमें भी माउस और कीबोर्ड का इस्तेमाल करते हुए ऐसा ही लगेगा। 2030 तक लोग अपने कंप्यूटर में आवाज या इशारों से ही काम करवाना शुरू कर देंगे। यह बातचीत का एक आसान तरीका होगा।

कोपायलट AI चैटबॉट शुरू हुआ
माइक्रोसॉफ्ट चाहता है कि लोग अपने डेस्कटॉप और लैपटॉप से दोस्त की तरह बात करें। ऐसा करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट इस तकनीक पर अरबों रुपये खर्च कर रहा है। कंपनी ने हाल ही में अपने प्रोडक्ट्स, जैसे- विंडोज और ऑफिस में कोपायलट AI चैटबॉट जोड़ा है। इसका इस्तेमाल करते हुए यूजर्स 'Hey Copilot' कहकर अपने कंप्यूटर से काम कर सकते हैं। इससे सिस्टम सेटिंग्स बदलना या इंटरनेट पर जानकारी ढूंढना बेहद आसान हो जाएगा।

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AI सिक्योरिटी एक्सपर्ट मिलेगा
वेस्टन का कहना है कि आगामी पांच सालों में AI की मदद से एक ऐसा सिक्योरिटी एक्सपर्ट मिलेगा, जो इंसानों की तरह बात करेगा। फिलहाल ऐसी सुरक्षा केवल बड़ी कंपनियों के लिए है, छोटे कारोबारियों के लिए भी ये सुविधा लाई जाएगी।