उद्योगजगत की जरूरत और भारतीय ज्ञान परम्परा समावेशी पाठ्यक्रम का निर्माण करें : मंत्री परमार

उद्योगजगत की जरूरत और भारतीय ज्ञान परम्परा समावेशी पाठ्यक्रम का निर्माण करें : मंत्री परमार

रोजगार की दृष्टि से जापानी एवं जर्मनी भाषा सिखाने के लिए बनाएं कार्ययोजना: मंत्री परमार

तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार ने विभागीय गतिविधियों एवं कार्यों की समीक्षा की

भोपाल 

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को मंत्रालय में तकनीकी शिक्षा विभाग की बैठक में विविध विभागीय गतिविधियों एवं कार्यों के क्रियान्वयन एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार ने निर्माण कार्यों एवं एसएफसी उपरांत स्वीकृत कार्यों की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सेवा भर्ती नियम-2004 के अंतर्गत नियुक्त उच्च पदों पर पूर्व से कार्यरत शिक्षकों के पेंशन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। मंत्री परमार ने शासकीय तकनीकी शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता नियमों का पुनरावलोकन कर समसामयिक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के झाबुआ स्थित परिसर में संचालित यूआईटी (यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) के लिए यथावत सतत् संचालन के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा। उन्होंने तकनीकी शिक्षण संस्थानों में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के मापदंडों के अनुरूप शैक्षणिक पदों की भर्ती एवं प्रयोगशालाओं आदि के लिए आवश्यक मानव संसाधन की पूर्ति शीघ्र करने के निर्देश दिए।

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मंत्री परमार ने उद्योग जगत की आवश्यकता अनुरूप पाठ्यक्रम निर्माण के लिए क्षेत्रीय आवश्यकताओं एवं मांगों के व्यापक अध्ययन के साथ क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। पाठ्यक्रमों में भारतीय ज्ञान परम्परा के समावेश के लिए आवश्यक क्रियान्यवन करने को कहा। मंत्री परमार ने तकनीकी शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को जापानी एवं जर्मनी भाषा सिखाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने को कहा है। इससे विद्यार्थियों को वहां रोजगार के अवसरों के अनुरूप संवाद में भाषाई सहजता प्राप्त हो सकेगी और देशों के मध्य सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे।

बैठक में तकनीकी शिक्षण संस्थानों में आईआईटी की तर्ज पर एमपीआईटी की स्थापना, कोडिंग लैब्स, डिजिटल यूनिवर्सिटी, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय की प्रगति, संस्थानों में शोध, अनुसंधान एवं पेटेंट की अद्यतन स्थिति, संस्थानों में तकनीकी शब्दकोश की उपलब्धता, संस्थान परिसरों में विद्यावन स्थापना की प्रगति, शुजालपुर में आरजीपीवी अंतर्गत यूआईटी की स्थापना, इनोवेट एमपी की दृष्टि से सृजन कार्यक्रम की अद्यतन स्थिति सहित विभिन्न विभागीय विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

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बैठक में प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा मनीष सिंह एवं आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।