जांजगीर जिला के शिवरीनारायण में एक ढाबा संचालक के साथ बीच सड़क में पैसे की मांग को लेकर मारपीट की। साथ ही जेब में रखे 2 हजार को झपटा मार कर लूट लिया। साथ ही पत्रकार होने का धौंस दिखाकर हर महीने 10 हजार रुपए देने की मांग की। पीड़ित ने इसकी शिकायत शिवरीनारायण थाना में की। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 296, 115(2), 351(2), 304 (2) भारतीय न्याय संहिता 3 (1) द, ध 3 (2) 5(क) ST/ST एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया। आरोपी को पकड़ा जिसको हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर जुर्म स्वीकार किए जाने से विधिवत गिरफ्तार किया जाकर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम दूरपा निवासी विजय बंजारे पिता नेतराम बंजारे उम्र 34 साल ने थाना में शिकायत दर्ज करते हुए बताया कि वह दिनांक 13 सितंबर की रात 9 बजे अपने ढाबा के लिए मुर्गा लेने तूस्मा शराब दुकान के पास गया था। इसी दौरान पत्रकार आरोपी मुरली मनोहर नायर उम्र 42 वर्ष निवासी वार्ड नं 15 सेठीनगर शिवरीनारायण द्वारा नशे में धुत होकर बीयर की बाटल लेकर गाड़ी पे खड़े होकर बीयर पी रहा था जब प्रार्थी को आते देखा तो उसे जातिसूचक अश्लील गाली गलौच करने लगे और प्रार्थी को कहने लगा कि यदि 10 हजार रुपए महीने नहीं पहुंचाये तो तुम्हारा ढाबा बंद करवा दूंगा कहकर धमकी देने देते हुए उसे झापड माराकर सामने पाकेट से दो हजार रु. को छीन लिया| वहां पर उपस्थित लोगो ने बीच बचाव किया | जिसकी सूचना रिपोर्ट पर आरोपी के विरुद्ध अपराध धारा 296, 115(2), 351(2), 304 (2) भारतीय न्याय संहिता 3 (1) द, ध 3 (2) 5(क) ST/ST एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय IPS) के निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन में तथा DSP अजाक श्री जितेंद्र खूंटे के नेतृत्व में आरोपी को पकड़ा जिसको हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर जुर्म स्वीकार किए जाने से विधिवत गिरफ्तार किया जाकर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
उपरोक्त कार्यवाही में DSP जितेंद्र खूंटे, SDOP चांपा श्री यदुमणि सिदार, निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी थाना प्रभारी शिवरीनारायण, निरीक्षक रणजीत सिंह , प्रधान आर. रामकृष्ण खैरवार, गणेश राम कौशिक, महिला प्रधान आर. पूनम लता एक्का, आर. मंगल सिंह नेताम, संतोष प्रधान का सराहनीय योगदान रहा।