हेरा फेरी 3 विवाद: प्रियदर्शन बोले – ‘उनके बारे में बात करना बेकार’

 

मुंबई

बॉलीवुड की पॉपुलर कॉमेडी फ्रेंचाइजी हेरा फेरी का जल्द ही तीसरा पार्ट फिल्म ‘हेरा फेरी 3’ आने वाले हैं. कुछ समय पहले इस फिल्म को लेकर काफी विवाद हुआ था, जिसकी मुख्य वजह परेश रावल थे. दरअसल, उन्होंने अचानक फिल्म छोड़ने का मन बना लिया था, लेकिन बाद में मेकर्स के समझाने के बाद सब ठीक हो गया था. वहीं, अब पहली बार फिल्म निर्माता प्रियदर्शन ने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है.

मुझे और परेश को कभी कोई समस्या नहीं हुई
बता दें कि फिल्म निर्माता प्रियदर्शन  ने अपने एक इंटरव्यू में बातचीत करते हुए कहा- ‘मुझे और परेश को कभी कोई समस्या नहीं हुई. जहां तक मुझे पता है, अक्षय और परेश को भी कभी कोई दिक्कत नहीं हुई. कुछ और लोग थे, जो परेश पर दबाव बना रहे थे. परेश रावल एक ऐसे इंसान हैं, जैसे आप जानते हैं कि जो लोग डरते हैं कि मैं बीमार हूं और इसे लेकर बहुत ज्यादा परेशान हो जाते हैं. हालांकि समस्या कोई और है. इसलिए वो डरते हैं, लेकिन हमारे रिश्ते पर इसका कोई असर नहीं हुआ.’

See also  भूमि पेडनेकर ने कहा: मेन स्ट्रीम सिनेमा की तुलना में ओटीटी पर अभिनेत्रियों को मिलते हैं बेहतरीन किरदार

आगे बात करते हुए प्रियदर्शन  ने कहा- ‘अक्षय ने मुझसे कहा, ‘प्रिंस सर, अगर ऐसा होता है, तो होने दो. वरना, रहने देते हैं.’ बस इतना ही. कुछ लोगों ने इसमें मुश्किलें खड़ी की हैं. उनके बारे में बात करना बेकार है, इसलिए मैं बात नहीं कर रहा. उम्मीद करते हैं कि जिंदगी में अच्छा ही हो. ये फिल्म निर्माण है, इस दुनिया में आपके दुश्मन, दोस्त, प्रशंसक, आलोचक, बहुत कुछ होता है. मैं 40 साल कैसे गुजार पाया, मुझे आज भी नहीं पता.’

प्रियदर्शन का वर्कफ्रंट
वर्कफ्रंट की बात करें, तो प्रियदर्शन ने साल 1980 में अपने करियर की शुरुआत एक स्क्रीप्ट राइटर के रूप में किया था. इसके बाद उन्होंने निर्देशन में हाथ आजमाया. उन्होंने 1984 में एक निर्देशक के रूप में अपने करियर की शुरुआत किया था. इस दौरान वह तमलि, मलयालम और तेलुगु भाषा में फिल्मों का निर्देशन करते रहे. इसके बाद प्रियदर्शन  ने साल 1992 में फिल्म मुस्कुराहट से बॉलीवुड में डेब्यू किया. बॉलीवुड में डेब्यू के बाद उन्हों ने हेरा फेरी, हंगामा, हलचल, गरम मसाला, भागम भाग, मालामाल वीकली, ढोल, भूलभुलैया जैसी फिल्मों के जरिए दर्शकों को खूब गुदगुदाया है. बेहतरीन काम के लिए भारत सरकार ने उन्हें साल 2012 में पद्मश्री से सम्मानित किया था.

See also  38 साल बाद भी हिट! Mohammed Aziz का यह गाना आज भी बनता है शादी पार्टियों की शान