भारत के दुश्मन गुरपतवंत पन्नू का राइट हैंड गिरफ्तार, निज्जर के बाद संभाली थी कमान

ओटावा 

भारत विरोधी खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू का खास पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। खबर है कि कनाडा पुलिस ने उसके सबसे बड़े सहयोगियों में से एक इंदरजीत सिंह गोसाल को गिरफ्तार किया है। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हुआ है कि यह गिरफ्तारी किस मामले में हुई है। इससे पहले नवंबर 2024 में भी हिंदू मंदिर में हुई हिंसा से जुड़े केस में गिरफ्तार किया जा चुका था, लेकिन बाद में रिहा कर दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गोसाल को SFJ यानी सिख्स फॉर जस्टिस के फाउंडर गुरपतवंत सिंह पन्नू का राइट हैंड माना जाता है। खबर है कि हरदीप सिंह निज्जर के बाद गोसाल ही कनाडा में एसएफजे के बड़े मोहरे के रूप में काम कर रहा था। निज्जर की जून 2023 में कनाडा के सरी में हत्या कर दी गई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की अगुवाई वाली सरकार ने इस कांड के तार भारत से जोड़ने की कोशिश की थी।
कनाडा में रिपोर्ट ने मचाई थी खलबली

See also  कनाडा :खालिस्तानी समर्थक पुलिस अफसर सस्पेंड, मंदिर हमले में गिरफ्तारी

सितंबर की शुरुआत में आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि कम से कम दो खालिस्तानी चरमपंथी समूहों को देश के भीतर से वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है। ‘2025 असेस्मेंट ऑफ मनी लॉन्डरिंग एंड टेररिस्ट फाइनेंसिंग रिस्क इन कनाडा’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कनाडा के अंदर से वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले खालिस्तानी चरमपंथी समूहों की पहचान बब्बर खालसा इंटरनेशनल और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन के रूप में की गई।

ओटावा की खुफिया एजेंसी की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि 1980 के दशक के मध्य से कनाडा में राजनीतिक रूप से प्रेरित हिंसक चरमपंथ का खतरा खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा भारत के पंजाब में खालिस्तान नामक एक स्वतंत्र राष्ट्र बनाने के लिए हिंसक तरीकों का इस्तेमाल करने की कोशिश के माध्यम से उत्पन्न हुआ था।

रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा में आपराधिक संहिता के तहत सूचीबद्ध और राजनीति से प्रेरित हिंसक चरमपंथ में शामिल कई आतंकवादी संगठन जैसे हमास, हिज्बुल्ला और खालिस्तानी हिंसक चरमपंथी समूह बब्बर खालसा इंटरनेशनल तथा इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन कनाडा के अंदर से ही वित्तीय सहायता प्राप्त करते पाए गए हैं।

See also  रक्षा से व्यापार तक मजबूत हुई दोस्ती, जयशंकर-रूबियो वार्ता में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा