बरेली विवाद: मौलाना तौकीर के तीखे बयान, इस बार लौट गया उल्टा असर

बरेली 
बरेली बवाल में जेल भेजा गया मौलाना तौकीर रजा एक बार नहीं, बल्कि हर बार अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहा है। मौलाना के तल्ख टिप्पणी से कई बार शहर का माहौल खराब हो चुकी है। सीएए, एनआरसी से लेकर अपने समाज से जुड़े तमाम संवेदनशील मुद्दों पर उनकी तकरीरें माहौल गरमा चुकी हैं। तीखी बयानबाजी के चलते मौलाना कई बार नजरबंद हो चुका है। लेकिन इसके बाद भी उसकी बयानबाजी से जहर उलगना बंद नहीं हुआ। लेकिन शुक्रवार को बरेली बवाल के लिए लोगों को उकसाने के मामले में उसका दांव उलटा पड़ गया। इस बार मौलाना पुलिस के हत्थे चढ़ गया और उसे जेल जाना पड़ा।

इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां कट्टर और भड़काऊ भाषणों के लिए पहचाने जाते हैं। हर नया बयान उनके विवादों के ग्राफ में इजाफा करता गया है। धर्म से लेकर राजनीति तक, हर मुद्दे पर उनके तीखे बोल न सिर्फ बहस को जन्म देते हैं, बल्कि कई बार प्रशासन और समाज दोनों को असहज स्थिति में डाल देते हैं।

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विवादित बयान देने के लिए चर्चित है मौलाना तौकीर
2017 में बोले, तुम्हारे धर्म में भी तो एक महिला के पांच-पांच पति होते हैं। महिला को पता भी नहीं होता है कि उसके बच्चे का बाप कौन है।
2020 में सीएए को वापस नहीं लिए जाने पर गलियों में खून बहने की धमकी दी थी।
2022 में नूपुर शर्मा के बयान को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन का किया था एलान।
2022 में कहा था जिस दिन मुसलमान सड़कों पर आ गया तो संभलेगा नहीं।
2023 में अयोध्या मामले में उन्होंने कहा कि अब सड़क पर लड़ाई लड़ी जाएगी।
2024 में दूसरे धर्म के 23 युवाओं का सामूहिक निकाह कराने का एलान किया।
2025 में ऐलान करके जुमा नमाज के दिन लोगों को प्रदर्शन के लिए इक्ट्ठा किया।
नफरत भरी तकरीर करके इक्ट्ठा की हमेशा भीड़

मौलाना ने बरेली में जेल भरो आंदोलन का एलान किया था और अपनी गिरफ्तारी देने के लिए सड़क पर उतरे थे। उनके आह्वान पर हजारों की तादाद में भीड़ जुटी थी। इस दौरान उन्होंने हल्द्वानी हिंसा को लेकर विवादित बयान दिया। कहा था कि हमें मजबूर कर दिया गया है। मुल्क में नफरत का माहौल बनाया हुआ है। मौलाना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अगर संज्ञान नहीं ले रहा है तो हम अपनी हिफाजत खुद करेंगे। हमें कानूनी अधिकार है कि अगर कोई हम पर हमलावर होता है तो उसे जान से मार दें।

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