कर्नाटक में बड़ा फैसला: स्कूल-कॉलेजों में RSS की एंट्री बैन, सरकार लाएगी नया कानून!

बेंगलुरु 
कर्नाटक मंत्रिमंडल ने सरकारी स्कूलों और कॉलेज परिसरों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की गतिविधियों को रोकने के लिए नियम लाने का फैसला किया है। राज्य के मंत्री प्रियांक खरगे ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को कर्नाटक कैबिनेट ने राज्य के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के परिसरों में RSS की गतिविधियों को रोकने के लिए नियम लाने का फैसला किया है। खरगे की यह टिप्पणी कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की उस टिप्पणी के बाद आई है, जिसमें उन्होंने एक दिन पहले ही कहा था कि उनकी सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि कैसे सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी संगठन लोगों को परेशान न करे।

खरगे ने सीएम सिद्धारमैया को लिखी थी चिट्ठी
कर्नाटक कैबिनेट के इस फैसले से राज्यभर के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों और कॉलेजों के परिसरों में अब आरएसएस की बैठकों और अन्य गतिविधियों पर प्रतिबंध लगने की संभावना है। RSS केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा की मातृ संस्था कही जाती है। बता दें कि प्रियांक खरगे ने ही मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी मंदिरों में आरएसएस की गतिविधियों पर रोक लगाने का आग्रह किया था, और इस संगठन पर युवाओं का ब्रेनवॉश करने और संविधान के विरुद्ध काम करने का आरोप लगाया था। खरगे के इस अनुरोध के बाद उन्हें धमकी भरे फोन कॉल आ रहे थे।

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धमकी देने पर एक व्यक्ति गिरफ्तार
इस बीच, बेंगलुरु पुलिस ने महाराष्ट्र के एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने कथित तौर पर प्रियांक खरगे को फोन किया था और सार्वजनिक स्थानों पर आरएसएस की गतिविधियों को बैन करने के लिए मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को पत्र लिखने को लेकर उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणियां कीं। इस आरोपी ने जब खरगे को फोन किया था तब मंत्री ने इस बातचीत का वीडियो बना लिया था। उसके बाद सदाशिवनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद ‘बेंगलुरु सेंट्रल डिवीजन’ और कलबुर्गी पुलिस के संयुक्त अभियान में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

खरगे को धमकी देने वाला शख्स कौन?
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी की पहचान धनेश नरोने उर्फ ​​दानप्पा नरोने के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के सोलापुर का रहने वाला है। सोलापुर कर्नाटक की सीमा से लगा हुआ एक जिला है। खरगे को फोन पर गालियां देने के बाद आरोपी अपने शहर से भागकर लातूर में छिप गया था। लेकिन बेंगलुरु और कलबुर्गी की पुलिस टीम ने उसका पता लगाया, उसे गिरफ्तार किया और बेंगलुरु ले आई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि धनेश बिस्कुट और कन्फेक्शनरी बनाने वाली कंपनियों के लिए मार्केटिंग एजेंट के तौर पर काम करता है। उसने एक सर्च इंजन की मदद से खरगे का फ़ोन नंबर हासिल किया था।

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खरगे ने बुधवार को एक वीडियो पोस्ट किया था
बेंगलुरु पुलिस धनेश के पिछले रिकॉर्ड और ऐसे अपराधों में उसकी संलिप्तता की जांच के लिए पूछताछ कर रही है। खरगे ने बुधवार को एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें कथित तौर पर धनेश द्वारा की गई कॉल शामिल है। आरोपी ने मंत्री को उनके उस पत्र के लिए गाली दी जिसमें उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर आरएसएस की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की थी।

भाजपा ने बैन लगाने की दी चुनौती
मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया था जिसमें एक अज्ञात व्यक्ति फोन कॉल पर उन्हें गालियां और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहा है। सिद्धरमैया ने कहा कि उनकी सुरक्षा बढ़ा दी जाएगी, जबकि राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। दूसरी तरफ, भाजपा ने खरगे के इस रुख की कड़ी आलोचना की और उन्हें राज्य में आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की चुनौती भी दी।

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