बिलासपुर जिला में काली माता की पूजा देखना एक 15 साल के दलित बालक को बहुत महंगा पड़ गया। आधा दर्जन से अधिक लोगों ने बालक की रॉड, डंडे, हाथ पैर से बेदम पिटाई कर दी। युवक किसी तरह उनसे बचकर घर पहुंचा तो सभी पीछे-पीछे बालक के घर पहुंच गए और घर घुसकर अधमरा होने तक पीटते रहे। शिकायत करने थाना पहुंचे बालक के मामा ने आरोप लगाया है की उनको पुलिस वालों ने अश्लील गाली देते हुए भगा दिया। पूरी घटना बिलासपुर जिला के थाना तोरवा के ग्राम महमंद की है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं के दखल के बाद तोरवा थाना में किसी तरह शिकायत तो दर्ज़ हो गई| जिस पर आरोपियों के खिलाफ धारा 296, 115(2), 351(2), 333, 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज़ किया है, लेकिन अब तक एट्रोसिटी एक्ट और पाक्सो एक्ट की धारा नहीं लगाई गई | और ना ही आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। पीड़ित पक्ष का आरोप है की मामला को काउंटर रिपोर्ट दर्ज करवाकर समझौता कराने का कोशिश की जा रही है |
मिली जनकारी के अनुसार पीड़ित बालक ग्राम महमंद पंचायत भवन के पीछे रहता है और कक्षा 10 वीं की पढ़ाई कर रहा है| वह दिनांक 19/10/2025 को कृष्णा गेट के पास काली माता का पुजा देखने रात्रि करीबन 8:30 बजे गया था| वहा पर डी. जे. बज रहा था जिसमें वह बालक भी डांस करने लगा उतने में प्रदीप महराज द्वारा धक्का मुक्की कर गाली गलौच कर मारपीट करने लगा| कुछ समय बाद उसके साथी दीपेश्वर, राहुल व अन्य लोग आ गये तथा उनके द्वारा भी अश्लील मां बहन की गंदी गंदी गाली गलौच कर हाथ मुक्का व अपने हाथ में रखे राड से मारपीट करने लगे|
पीड़ित बालक बीच बचाव कर अपने घर आ गया तो प्रदीप महराज, दीपेश्वर, राहुल व अन्य पीड़ित के घर आ गये, और घर के बाउंड्रीवाल से कूद कर दरवाजा खोलकर पुनः मां बहन की अश्लील गाली गलौच कर जान से मारने और जातिसूचक गाली धमकी देने लगे | मारपीट से पीड़ित बालक के दाहिने हाथ के अंगूठा के पास, उपरी ऑठ, दोनों आंख के नीचे, सिर के पीछे चोट लगा है।
आरोपियों के खिलाफ अभी कोई कार्यवाही होने से सतनामी समाज और भीम आर्मी ने कड़ी नाराजगी जताई है | उन्होंने जल्द से जल्द आरोपियों पर एट्रोसिटी एक्ट और पाक्सो एक्ट की धारा जोड़ते हुए कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है|