पारदर्शिता को सशक्त बनाने के बैंक की डिजिटल पहलों का अनावरण करने हेतु केंद्रीय सतर्कता आयुक्त ने पीएनबी का दौरा किया

नई दिल्ली
 देश के सार्वजनिक क्षेत्र के अग्रणी बैंक पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने अपने कॉर्पोरेट कार्यालय में माननीय केंद्रीय सतर्कता आयुक्त श्री प्रवीण कुमार श्रीवास्तव के दौरे के साथ बढ़ी हुई सतर्कता और पारदर्शिता की दिशा में, अपनी यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।

इस कार्यक्रम के तहत, "पीएनबी की विजिलेंस मैनुअल 2025" का 5वाँ संस्करण और त्रैमासिक पत्रिका "पीएनबी विजिल" का सितंबर 2025 के अंक का अनावरण  किया गया। इस अवसर पर एमडी एवं सीईओ श्री अशोक चंद्र, कार्यपालक निदेशक (ईडी) श्री बिभु प्रसाद महापात्र, सीवीओ श्री राघवेंद्र कुमार, और बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।इसके अतिरिक्त, बैंक ने कई प्रमुख पहलों का शुभारंभ किया, जिनमें कर्मचारी जवाबदेही पोर्टल का संपूर्ण डिजिटलीकरण, आचरण जोखिम ढाँचा (कर्मचारियों के लिए) और पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) के लिए डिजिटल समाधान शामिल हैं। ये पहल पीएनबी की अपने परिचालन में दक्षता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती हैं।

इस कार्यक्रम में सतर्कता योद्धाओं को भी सम्मानित किया गया, यह उन कर्मचारियों के अनुकरणीय प्रयासों को मान्यता देने के लिए किया गया जिन्होंने बैंक के नैतिक मूल्यों को बनाए रखने में असाधारण समर्पण का प्रदर्शन किया है।

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श्री प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, माननीय केंद्रीय सतर्कता आयुक्त ने कहा: "हमारे समाज का कल्याण , हमारी अर्थव्यवस्था का विकास और आजीविका का सृजन पंजाब नैशनल बैंक जैसे बैंकों द्वारा प्रदान किए गए समर्थन और वित्तपोषण से गहराई से जुड़े हुए हैं। हमारा लक्ष्य सतर्कता की ऐसी संस्कृति का निर्माण करना है जहाँ कार्य दंड के भय से नहीं, बल्कि सही काम करने की प्रतिबद्धता से प्रेरित हों। यह संस्कृति व्यक्ति, संगठन और समाज को बड़े पैमाने पर लाभान्वित करती है, जिससे बैंक, अर्थव्यवस्था और अंततः राष्ट्र के विकास में योगदान मिलता है, क्योंकि हम 2047 तक 'विकसित भारत' की दिशा में काम कर रहे हैं।"

श्री अशोक चंद्र, एमडी एवं सीईओ, पीएनबी, ने कहा: "जैसे-जैसे भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अपना मार्ग प्रशस्त कर रहा है l हम पर, सबसे बड़े बैंकों में से एक के रूप में, जिम्मेदारी कई गुना बढ़ जाती है। हम सत्यनिष्ठा, नैतिकता, और पारदर्शिता पर आधारित गुणात्मक, सतत, और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सतर्कता, विशेष रूप से निवारक सतर्कता ( प्रिवेंटिव विजिलेंस ) , यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि प्रगति सुदृढ़ शासन और जवाबदेही के साथ जुड़ी रहे। इन मूल्यों से प्रेरित होकर, पीएनबी विश्वास और नैतिक उत्कृष्टता के माध्यम से भारत की विकास यात्रा का समर्थन करने के लिए समर्पित है।"

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श्री राघवेंद्र कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), पीएनबी, ने कहा: "इन डिजिटल पहलों का शुभारंभ पारदर्शिता और ज़िम्मेदारी की संस्कृति के निर्माण के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अपने सतर्कता ढाँचे के साथ प्रौद्योगिकी को एकीकृत करके, हम न केवल परिचालन दक्षता को बढ़ा रहे हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि विश्वसनीयता बैंक के भीतर हर प्रक्रिया की आधारशिला बनी रहे।"

पीएनबी द्वारा सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 का अनुपालन सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और नैतिक शासन के प्रति उसकी गहन प्रतिबद्धता का प्रमाण है। 27 अक्टूबर को राष्ट्रव्यापी सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में एक लाख से अधिक कर्मचारियों और बहुतायत में ग्राहकों ने भाग लिया। बैंक ने डिजिटल और मूलभूत पहलों के माध्यम से व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की। 11,000 एटीएम (ATMs), मोबाइल ऐप्स और व्हाट्सएप बैंकिंग पर सतर्कता संदेशों को प्रदर्शित करने से लेकर 8,000 से अधिक ग्राम सभाओं में जागरूकता अभियान आयोजित करने तक, पीएनबी ने सत्यनिष्ठा के संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुँचाया। 

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विभिन्न प्रतियोगिताओं, वॉकथॉन और साइक्लोथॉन में कर्मचारियों की जबरदस्त भागीदारी, साथ ही रक्तदान शिविरों के दौरान 4,300 यूनिट रक्त का संग्रह, सतर्कता और सेवा की भावना को दर्शाता है। सतर्कता संबंधी सभी शिकायतों में शून्य लंबित मामले, व्यापक क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों और उत्तरदायी परिसंपत्ति प्रबंधन में बैंक की उपलब्धि, निवारक सतर्कता और संस्थागत जवाबदेही पर इसके ध्यान को और उजागर करती है। ये निरंतर प्रयास एक जिम्मेदार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के रूप में पीएनबी की भूमिका की पुष्टि करता हैं, जो सत्यनिष्ठा की संस्कृति के निर्माण और विकसित भारत 2047 की ओर भारत की यात्रा में योगदान देने के लिए समर्पित है।