शिवरीनारायण महानदी में बहा रहे नाली का गंदा पानी, दूषित पानी नहाने को मजबूर श्रद्धालुओं, लोगों में रोष

शिवरीनारायण महानदी में बहा रहे नाली का गंदा पानी : छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी शिवरीनारायण जो अपनी आध्यात्मिक पहचान प्राकृतिक सौंदर्य और पवित्र त्रिवेणी संगम के लिए प्रसिद्ध है, महानदी जो सदियों से इस क्षेत्र के लोगों के लिए जीवनदायिनी है, जिसमें नालियों से निकलने वाले गंदा पानी को बहाया जा रहा है | ऐसा एक जगह ही नहीं बल्कि अलग-अलग 4 जगह से सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है | जिससे नदी का पानी भी दूषित होते जा रहा है | यहाँ पर ही स्थानीय निवासियों के अलावा दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु भी नहाते है | लेकिन गन्दी पानी के नदी में बहता देख वे भी काफी निराश होते है |

 

शिवरीनारायण महानदी में बहा रहे नाली का गंदा पानी
शिवरीनारायण महानदी में बहा रहे नाली का गंदा पानी

शिवरीनारायण महानदी में बहा रहे नाली का गंदा पानी, वृहद् मेले का होता है आयोजन 

आपको बता दे की शिवरीनारायण में कई दशकों से माघी पूर्णिमा मेला आयोजित होता आ रहा है | जिसमे देश के कोने-कोने से लोग पहुँचते हैं और इस नदी में स्नान करते हैं | लेकिन नदी की इस दुर्दशा को देखकर मन खिन्न हो जाता है| गंदा पानी आने के बाद इस नदी का पानी इतना दूषित हो जाता है की कई प्रकार बीमारी होने का डर भी बना रहता है |

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शिवरीनारायण महानदी में बहा रहे नाली का गंदा पानी : पिछली सरकार द्वारा श्रीराम वन पथ गमन मार्ग के निर्माण के बाद नगर का तेजी से विकास किया गया , और यहां विभिन्न धार्मिक मेले, जैसे माघी पूर्णिमा मेला और नवरात्रि मेला, बड़े धूमधाम से आयोजित होते हैं। नगर में प्रतिदिन अस्थि विसर्जन, पुण्य स्नान और दीपदान जैसी धार्मिक आयोजन होती हैं। बावजूद इसके, महानदी के जल में बढ़ते प्रदूषण नालियों का गंदा पानी सीधे नदी में गिरने से नदी का जल लगातार अपवित्र हो रहा है, जिससे इसकी स्वच्छता और सुंदरता दोनों प्रभावित हो रही हैं। नगर के नागरिकों और श्रद्धालुओं ने उचित निदान की निवेदन किया है|

शिवरीनारायण महानदी में बहा रहे नाली का गंदा पानी : पिछले 25 वर्षों में शिवरीनारायण में जनसंख्या वृद्धि और शहर के धार्मिक और व्यावसायिक केंद्र के रूप में बढ़ते प्रभाव ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है। गुप्त तीर्थ राज प्रयाग के इस गौरवशाली स्थल पर जहां कभी निर्मल जल की धारा श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है नगरवासियों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं का मानना है कि अगर इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो शिवरीनारायण की धार्मिक गरिमा और प्राकृतिक धरोहर को गंभीर नुकसान हो सकता है। स्थानीय प्रशासन, समाजसेवी संगठन और नागरिकों की संयुक्त पहल से ही इस संकट का समाधान संभव है।

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शिवरीनारायण महानदी में बहा रहे नाली का गंदा पानी : नगर पंचायत शिवरीनारायण के अध्यक्ष राहुल थवाईत ने इस संदर्भ में बताया कि एक वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से प्रदूषण की समस्या का समाधान किया जाएगा। इसके लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा चुका है और लगभग 10 करोड़ रुपये के बजट से कार्य शुरू होगा। इस योजना के तहत, नगर में जल की स्वच्छता और त्रिवेणी संगम की पवित्रता को पुनः बहाल किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण कदम न केवल शिवरीनारायण की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बचाने के लिए है, बल्कि यहां के निवासियों और पर्यटकों के लिए भी स्वच्छ और सुरक्षित जल का स्रोत सुनिश्चित करने के लिए है।

 

 

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