मध्यप्रदेश में अगले 2 दिन शीतलहर का अलर्ट, भोपाल-इंदौर समेत 6 जिलों में सतर्कता

भोपाल 
नवंबर के आखिरी पखवाड़े में मध्य प्रदेश में शीतलहर का अलर्ट जारी है. यहां के कई शहरों में आने वाले दो दिनों तक ठंडी हवाएं चलेंगी. इसकी वजह से ठिठुरन और भी ज्यादा बढ़ेगी. आइए जानते हैं किन जिलों के लिए शीत लहर का अलर्ट जारी किया गया है.. 
इन शहरों के लिए जारी है अलर्ट 

प्रदेश की राजधानी भोपाल से लेकर कई शहरों में शीत लहर का ऑरेंज अलर्ट है. भोपाल के अलावा सीहोर ,राजगढ़ ,इंदौर, शाजापुर में तीव्र शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि खंडवा, खरगोन, बड़वानी, देवास, शिवपुरी, सतना, शहडोल, उमरिया, जबलपुर, छतरपुर में शीतलहर का यलो अलर्ट जारी किया गया है.इन जिलों में अगले दो दिनों तक शीतलहर की संभावना बनी रहेगी. 

इस बार नवंबर के पहले सप्ताह से ही प्रदेश में कड़ाके की ठंड है। स्थिति यह है कि रात का पारा लगातार नीचे जा रहा है। इस वजह से भोपाल में नवंबर की सर्दी का पिछले 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। वहीं, इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा सर्दी है।

मौसम विभाग ने पूरे नवंबर में तेज ठंड का दौर बरकरार रहने का अनुमान जताया है। अगले दो दिन तक प्रदेश में शीतलहर का अलर्ट है। फिर शीतलहर से थोड़ी राहत मिल सकती है।

10 डिग्री से नीचे चल रहा पारा मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश के 15 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया। राजगढ़ सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 6.5 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल और इंदौर में पारे में फिर गिरावट हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में 7.8 डिग्री, इंदौर में 6.9 डिग्री, ग्वालियर में 10.7 डिग्री, उज्जैन में 9.5 डिग्री और जबलपुर में 9.9 डिग्री रहा। इसी तरह पचमढ़ी में 6.6 डिग्री, नौगांव में 8 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, खरगोन में 9.4 डिग्री, छिंदवाड़ा-मलाजखंड में 9.6 डिग्री और रीवा में 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बाकी शहरों में 10 से 13 डिग्री के बीच पारा टिका रहा।

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आज इन जिलों में शीतलहर चलेगी गुरुवार को भोपाल, इंदौर, देवास, सीहोर, शाजापुर और राजगढ़ में शीतलहर का अलर्ट है। इससे पहले भोपाल, राजगढ़, इंदौर, शाजापुर, सीहोर, खंडवा, खरगोन, शहडोल और जबलपुर में शीतलहर चली। शाजापुर का दिन कोल्ड डे दर्ज किया गया।

22 नवंबर को लो प्रेशर एरिया एक्टिव होगा 22 नवंबर से देश के दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) एक्टिव हो रहा है। इससे पहले प्रदेश में अगले 2 दिन तक शीतलहर का अलर्ट है।

इस बार नवंबर में पहले सप्ताह में ही तेज ठंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। आम तौर पर दूसरे सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर है। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। इस महीने औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है।

जानिए, नवंबर में 5 बड़े शहरों का मौसम…

भोपाल: इस बार टूट गया ओवरऑल रिकॉर्ड नवंबर में भोपाल में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था, लेकिन इस साल 16 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री रहा। इस तरह नवंबर की सर्दी का ओवरऑल रिकॉर्ड बन गया है।

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यहां इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में तीन बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।

गिरवर में सबसे कम तापमान 

प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 28. 7°C नर्मदापुरम में दर्ज किया गया है. जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.4°C गिरवर (शाजापुर) में दर्ज किया गया है. यहां ठिठुरन बहुत अधिक है. अब आगे और भी ज्यादा ठंड बढ़ेगी. इधर बढ़ती हुई ठंड को देखते हुए प्रदेश के जिलों में प्रशासन भी मुस्तैद है. कई जगहों में स्कूलों की टाइमिंग में भी बदलाव कर दिया गया है. 

इंदौर: 5.6 डिग्री तक जा चुका न्यूनतम पारा इंदौर में नवंबर में ठंड का असर रहता है। खासकर दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से गिरता है। इस वजह से रातें ठंडी हो जाती हैं और टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है।

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इंदौर में कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 31 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है

ग्वालियर: 1927 में 3 इंच पानी गिरा था पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो नवंबर में ग्वालियर में पारा 8 डिग्री तक पहुंच चुका है। 54 साल पहले वर्ष 1970 में टेम्प्रेचर 3 डिग्री गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। 2 नवंबर 2001 को दिन का तापमान 37.3 डिग्री तक रहा, जबकि यह सामान्य तौर पर 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है।

ग्वालियर में इस महीने बारिश भी होती है। 1927 में पूरे महीने 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। 10 साल में 3 बार ऐसा ही मौसम रह चुका है।

जबलपुर: 1946 में 6 इंच से ज्यादा बारिश जबलपुर में पिछले 10 साल में 2022 में न्यूनतम पारा 7.8 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। ओवरऑल रिकॉर्ड 12 नवंबर 1989 को दर्ज किया गया था, तब टेम्प्रेचर 3.9 डिग्री तक पहुंच गया था।

1946 में पूरे महीने 6 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। 10 साल में दो बार बारिश हो चुकी है। दिन में 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान रहता है

उज्जैन: न्यूनतम तापमान 10-11° के बीच उज्जैन में 30 नवंबर 1974 को रात का तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 6 नवंबर 2008 को दिन का तापमान 36.5 डिग्री रहा था। पिछले 10 साल की बात करें तो न्यूनतम तापमान 10-11 डिग्री के बीच रहा है, जबकि दिन में यह 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।