राजस्थान पुनर्गठन: राज्य में बनी 3400 नई पंचायतें, सरकार ने जारी की अधिसूचना

जयपुर

राजस्थान में पंचायतों का नक्शा एक बार फिर से बदल गया है। राज्य सरकार ने शुक्रवार को पंचायतों के पनुर्गठन की अधिसूचना जारी कर दी। इनमें 41 जिलों की पंचायतों का पुनर्गठन किया गया है। पुनर्गठन में करीब 3400 नई पंचायतों को जोड़ा गया है। इसके बाद प्रदेश में ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर लगभग 14 हजार के आस-पास हो गई है। इस पुनर्गठन से पहले प्रदेश में 11194 ग्राम पंचायतें थीं। अब पुनर्गठन के बाद राजस्थान में पंचायती राज का नक्शा पूरी तरह बदल गया है। यह अधिसूचना इसलिए भी अहम है क्योंकि राजस्थान में अगले साल पंचायतों और निकायों के चुनाव होने हैं। नए नई सीमाओं के साथ राजस्थान में पंचायतों की राजनीति भी पर भी असर पड़ना तय है। नई पंचायतों के निर्माण के बाद सरपंच, उपसरपंच और वार्ड पंच के पदों की संख्या बड़े पैमाने पर बढ़ जाएगी। जितनी नई पंचायतें बनी हैं, उतने ही नए पद भी होंगे। अब आगामी चुनाव इन्हीं नई पंचायतों के अनुसार होंगे।

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रेगिस्तानी जिलों में मापदंडों में छूट के कारण नई पंचायतों की संख्या अधिक रही है। सरकार ने साल भर पहले से पंचायतों के पुनर्गठन का काम शुरू किया था और जिलों से प्रस्ताव मंगवाकर पंचायतीराज व ग्रामीण विकास विभाग को भेजे गए थे। राजनीतिक तौर पर बीजेपी ने भी इस प्रक्रिया के लिए विशेष कमेटी बनाई थी।

नई पंचायतों के निर्माण से जनता को सुविधा भी मिलेगी। बाड़मेर, जैसलमेर, फलोदी, बीकानेर, चूरू सहित रेगिस्तानी जिलों और आदिवासी इलाकों में अब पंचायत मुख्यालय के लिए कम दूरी तय करनी होगी। पहले एक पंचायत में तीन-चार गांव होने के कारण लोग कई किलोमीटर की यात्रा करके सरकारी काम निपटाते थे, लेकिन अब इलाके छोटे होने से समय और मेहनत की बचत होगी।

इसके साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। नई पंचायतों के साथ ग्राम सचिव, पटवारी और पंचायत सहायकों के पद बढ़ेंगे। इससे शिक्षित बेरोजगारों के लिए नई नियुक्तियों के अवसर खुलेंगे। आगामी भर्तियों में भी इन नई पंचायतों के हिसाब से पदों में वृद्धि की जाएगी।

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जयपुर में 20 पंचायत समतियों का पुनर्गठन
राजधानी जयपुर में 20 पंचायत समितियों  का पुनर्गठन किया गया है। इनमें सीएम भजनलाल शर्मा के विधानसभा क्षेत्र सांगानेर की पंचायत समिति भी शामिल है। जिन पंचायत समितियों का यहां पुनर्गठन किया गया है उनमें जमवारामगढ़, दूदू, फागी, आंधी, चाकसू, कोटखावदा, बस्सी, तूंगा, जालसू, जोबनेर, गोविंदगढ़, शाहपुरा, विराटनगर, मौजमाबाद, माधोराज पुरा, सांभरलेक, झोटवाड़ा, आमेर, सांगानेर व किशनगढ़-रेनवाल शामिल हैं।