किराए पर मकान देने के नियम बदले, अब लैंडलॉर्ड नहीं कर सकेंगे मनमानी, जानें किरायेदार के अधिकार

किराए पर मकान देने के नियम बदले  : अगर आप खुद क‍िराये पर रहते हैं या आपने अपना मकान किराये पर दे रखा है तो यह खबर आपके काम की है. जी हां, सरकार की तरफ से साल 2025 से पूरे देश में क‍िराये के घरों के ल‍िए सख्‍त नियम लागू क‍िये गए हैं. सरकार ने ‘न्यू रेंट रूल्स 2025’ (New Rent Rules) लाकर मकान मालिक और किरायेदार दोनों की मनमानी को रोका है. अब सब ऑनलाइन, पारदर्शी और तय समय के अंदर होगा. अब क‍िसी भी रेंट एग्रीमेंट को साइन करने के 60 दिन के अंदर ऑनलाइन रजिस्टर कराना पड़ेगा.

क्यों है जरूरी

कई बार किराएदार और मकानमालिक लागत बचाने के लिए एक मौखिक समझौते पर पहुंच जाते हैं. या फिर कई बार ऐसा भी होता है कि किरायानामा तो बनवा लिया जाता है लेकिन फीस से बचने के लिए इसका रजिस्ट्रेशन नहीं कराया जाता. क्योंकि रजिस्टर करवाते समय मकान मालिक और किराएदार दोनों को ही फीस देना होती है. ऐसी कंडीशन में रिस्क के चांसेज तो बढ़ते ही हैं साथ ही साथ ये एक इललीगल प्रैक्टिस भी है. इससे आपका बिजनेस रिस्की हो जाता है,

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खासतौर पर आगे होने वाले किसी भी विवाद के मामलों में दोनों ही पार्टी रिस्क में होती हैं. ध्यान रखें की जब तक रेंट अग्रीमेंट सब-रजिस्ट्रार के ऑफिस में रजिस्टर नहीं करवाया जाता ये वैलिड नहीं माना जाता है. रेंट अग्रीमेंट में नियम और शर्तों को मेंशन कर इसे ड्राफ्ट कर रजिस्टर करवाना दोनों ही पार्टी के लिए फायदेमंद होता है. लैंडलॉर्ड को इसे स्टाम्प पेपर पर प्रिंट करना होता है. एक बार मकान मालिक और किराएदार 2 विटनेस की मौजूदगी में इस डॉक्यूमेंट को साइन कर दें फिर इसे सब-रजिस्ट्रार के ऑफिस में इसे रजिस्टर करवा सकते हैं.

किराए पर मकान देने के नियम बदले
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किराए पर मकान देने के नियम बदले, नोटरी के कागज वाला जमाना अब गया

जी हां, इस बदलाव के साथ ही अब पुराना जमाना चला गया जब नोटरी वाला कागज चल जाता था. यद‍ि आपने इसे ऑनलाइन रज‍िस्‍टर नहीं कराया तो शुरुआती जुर्माना 5,000 रुपये होगा. इसका फायदा यह होगा क‍ि नकली एग्रीमेंट, पीछे की तारीख वाला खेल और बिना नोटिस न‍िकालना सब बंद हो जाएगा. इसके साथ ही नए न‍ियम के तहत सिक्योरिटी डिपॉजिट की मनमानी भी खत्‍म हो जाएगी. जी हां, मकान माल‍िक अध‍िकतम दो महीने का क‍िरया एडवांस ले सकेगा. वहीं, दुकान या ऑफ‍िस के ल‍िए एडवांस क‍िराया छह महीने का ल‍िया जा सकेगा.

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किराए पर मकान देने के नियम बदले
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किराए पर मकान देने के नियम बदले, किराया बढ़ाने के भी न‍ियम तय क‍िये गए

इसके तहत किराया बढ़ाने के भी न‍ियम तय क‍िये गए हैं. अब कोई भी मकान माल‍िक तय अवध‍ि के बीच में क‍िराया नहीं बढ़ा सकेगा. 12 महीने का समय पूरा होने पर ही किराये में इजाफा क‍िया जा सकेगा. क‍िराये बढ़ाने से कम से कम 90 दिन पहले लिखित नोटिस देना जरूरी होगा. बिना नोटिस या मनमर्जी से क‍िराये बढ़ाने पर किरायेदार कोर्ट जा सकेगा.

किराए पर मकान देने के नियम बदले, किरायेदारों को म‍िलेगी सुरक्षा

बिना अदालती आदेश के मकान खाली नहीं कराया जा सकता. ताला तोड़ना, बिजली-पानी काटने पर सीधी जेल या भारी जुर्माना की सजा हो सकती है. मकान मालिक घर में घुसने से पहले 24 घंटे का लिखित नोटिस देगा. इसके अलावा जरूरी मरम्‍मत मकान माल‍िक की तरफ से 30 द‍िन में नहीं करायी गई तो किरायेदार खुद करवाकर पैसा किराये से काट लेगा.

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किराए पर मकान देने के नियम बदले
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किराए पर मकान देने के नियम बदले, मकान मालिकों को भी फायदा

क‍िरायेदार की तरफ से क‍िराया नहीं द‍िये या एग्रीमेंट तोड़ने पर 60 दिन में केस निपटेगा. पहले इस तरह के कामों में अदालत में 5-7 साल का समय लग जाता था. छोटे मकान मालिकों को टीडीएस (TDS) में छूट मिलने की उम्मीद है. फेक किरायेदार और ओवरस्टे करने वालों पर भी लगाम लगायी जा सकेगी. नई रेंट कोर्ट और रेंट ट्रिब्यूनल हर केस (बेदखली, किराया न देना, नुकसान) 60 दिन में निपटाएंगे.

 

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