आइसक्रीम और च्युइंग गम खा रहे हैं? नई स्टडी में पता चला, ये लिवर के लिए हानिकारक

 नई दिल्ली
आइसक्रीम, डाइट सोडा, च्युइंग गम और अन्य शुगर-फ्री प्रोडक्ट ऐसे होते हैं जो हर उम्र के लोगों को पसंद होती हैं. मार्केट में हों या फिर मॉल में, ये चीजें काफी आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं. एक नई स्टडी के मुताबिक, इन  शुगर-फ्री आइटम्स में कृत्रिम मिठास के लिए सोर्बिटोल का उपयोग होता है जो लिवर के लिए खतरनाक होता है और फैटी लिवर डिजीज का जोखिम बढ़ा सकता है. इस स्टडी ने इन चीजों का इस्तेमाल करने वाले लोगों के मन में सवाल पैदा कर दिया है.

क्या कहती है स्टडी?

European Medical Journal में पब्लिश हुई स्टडी के मुताबिक, शुगर-फ्री या डाइट प्रोडक्ट में जो सोर्बिटोल होता है, उस स्वीटनर को छोटी आंत में ठीक से तोड़ नहीं पाती जिससे यह लिवर में जाकर फैट जमने की प्रोसेस को बढ़ा देता है और लिवर की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये स्वीटनर सीधे तौर पर तो नहीं लेकिन लंबे समय तक सेवन करने पर नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) का खतरा बढ़ा सकते हैं.

See also  सही निर्णय लेने के लिए अपनाएं चाणक्य नीति के 7 सूत्र, हर कार्य में मिलेगी सफलता

रिसर्च कहती है जो रोजाना लगभग 1 कैन डाइट सोडा या शुगर-स्वीटेड ड्रिंक पीने से नॉन-अल्कोहॉल फैटी लिवर डिजीज को जोखिम बढ़ जाता है. ये खतरा डाइट सोडा से लगभग 60% और शुगर ड्रिंक से 50% अधिक होता है. इसलिए एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि पानी या बिना स्वीटनर वाले लिक्विड्स का सेवन करना अधिक सुरक्षित और हेल्दी होता है.

सोर्बिटोल और लिवर डिजीज का संबंध

रिसर्च में सामने आया है कि हेल्दी आंतों के बैक्टीरिया सोर्बिटोल को तोड़ते हैं लेकिन जब ये बैक्टीरिया कम हो जाते हैं या संक्रमित हो जाते हैं, तब सोर्बिटोल का शरीर में जमाव होना शुरू हो जाता है.

यह सोर्बिटोल सीधे लिवर तक पहुंचकर वहां फैट के जमाव का कारण बनता है जिससे नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज का खतरा बढ़ जाता है. इससे पहले की यह बीमारी आमतौर पर शराब से जुड़ी जानी जाती थी, लेकिन अब यह नॉन-अल्कोहॉल फैटी लिवर डिजीज के रूप में अधिक सामान्य हो गई है.

See also  शनि जयंती 2026: इस बार बन रहा है दुर्लभ संयोग, जानें तिथि और पूजा मुहूर्त

डाइट सोडा और शुगर फ्री चीजों से कैसे खतरा?

डाइट सोडा और अन्य कम चीनी या शुगर-फ्री ड्रिंक्स के सेवन से भी लिवर की समस्याएं हो सकती हैं क्योंकि इनमें इस्तेमाल होने वाले आर्टिफिशियल स्वीटनर्स और सोर्बिटोल, आंत के बैक्टीरिया के संतुलन को बिगाड़ सकते हैं.

यह न केवल लिवर फैट को बढ़ाता है बल्कि मेटाबोलिक सिंड्रोम, टाइप 2 डायबिटीज और दिल की बीमारियों के जोखिम को भी बढ़ा सकता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि शुगर-फ्री ऑपशंस हमेशा हेल्दी नहीं होते, बल्कि इनसे लिवर डिजीज का जोखिम भी हो सकता है.

आइसक्रीम, डाइट सोडा और च्युइंग गम जैसी चीजों में उपयोग हो रहे सोर्बिटोल और अन्य आर्टिफिशियल स्वीटनर्स लिवर की हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकते हैं, जिससे इनके सेवन को सीमित करना चाहिए.