डोनाल्ड ट्रंप के विरोध के बावजूद TikTok हुआ बिक, अब अमेरिका में बिना रोक-टोक चलेगा ऐप

वाशिंगटन

 दुनियाभर में फेमस वीडियो ऐप TikTok से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. लंबे समय से बैन की तलवार झेल रहे टिक-टॉक ने आखिरकार घुटने टेक दिए हैं!अब टिकटॉक बिक गया है! अमेरिकी निवेशकों के साथ स्पिन-ऑफ डील साइन हो गई है. कंपनी के सीईओ शाउ जी च्यू के मुताबिक अब अमेरिका में टिक-टॉक एक नई कंपनी के रूप में काम करेगा, जिसका कंट्रोल अमेरिकी हाथों में होगा. इस बड़े बदलाव के बाद अब सोशल मीडिया पर एक ही सवाल तेज हो गया है कि अगर अमेरिका में रास्ता निकल सकता है, तो क्या भारत में भी टिक-टॉक की वापसी संभव है? क्या बाइटडांस का यह समझौता भारत सरकार के कड़े रुख में नरमी ला सकता है? आइए जानते हैं इस यह खबर विस्तार से.

TikTok के सीईओ शाउ जी च्यू ने ऐप से बैन हटाने के लिए अमेरिकी निवेशकों के एक ग्रुप के साथ एक डील साइन कर ली है. इस डील के बाद अब अमेरिका में टिक-टॉक के बैन होने का खतरा टलता नजर आ रहा है.

See also  UN बैठक में इजरायली राजदूत और प्रतिनिधि के बीच तीखी बहस, तू-तड़ाक तक पहुंचा मामला

क्या है पूरा मामला?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका की ट्रंप सरकार ने जनवरी में एक कानून पारित किया, जिसके तहत टिक-टॉक की मदर कंपन ByteDance को अपना अमेरिकी कारोबार किसी अमेरिकी कंपनी को बेचने या फिर बैन का सामना करने का अल्टीमेटम दिया था. अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन वाली इस नई डील के जरिए टिक-टॉक एक नई अमेरिकी यूनिट के रूप में काम करेगी.

सीईओ ने मेमो में क्या कहा?
सीईओ शाउ जी च्यू ने इस डील के बाद कर्मचारियों को भेजे एक मैसेज मे कहा है कि हमने एक नए टिक-टॉक यू.एस. जॉइंट वेंचर को लेकर निवेशकों के साथ डील किए हैं. इससे 17 करोड़ से ज्यादा अमेरिकी नागरिक इस समुदाया का हिस्सा बनें रह सकेंगे.

टिकटॉक की इस नई कंपनी में 7 सदस्यों वाला एक बोर्ड होगा जिसके भी ज्यादातर अमेरिकी सदस्य ही होंगे. कंपनी को लेकर हुए जॉइन्ट वेंचर का 50 फीसदी हिस्सा Oracle, Silver Lake और अबू-धाबी बेस्ड MGX के पास रहेगा. वहीं मात्र 30 फीसदी हिस्सा ByteDance के इन्वेस्टर्स के पास और 20 फीसदी हिस्सा TikTok  के मदर कंपनी ByteDance के पास होगा.

See also  ईरान से तनाव के बीच बड़ा हादसा: हवा में ईंधन भरते समय क्रैश हुआ अमेरिकी विमान, 4 की मौत

TikTok को लेकर हुए इस नए जॉइन्ट वेंचर में Oracle एक trusted security partner की भूमिका निभाएगा. सरल शब्दों में कहें तो कंपनी के ऑडिट का काम Oracle के पास रहेगा. यह डील 22 जनवरी को पूरा होने की उम्मीद है. साथ ही अमेरिका की तरफ से राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के चलते बाइटडांस पर अमेरिकी कारोबार बेचने के लिए बनाए जा रहे दबाव का सिलसिला भी समाप्त हो जाएगा.