ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को नई रफ्तार देगा ‘निवेश मित्र 3.0’

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को नई रफ्तार देगा ‘निवेश मित्र 3.0’

योगी सरकार की बड़ी डिजिटल पहल, 2026 में होगा अत्याधुनिक सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम का शुभारंभ

निवेश मित्र 3.0 से निवेशकों को मिलेगा वन-स्टॉप समाधान

आईजीआरएस और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से निवेश प्रक्रियाओं पर रखी जा सकेगी सीधी निगरानी

एआई आधारित स्मार्ट डैशबोर्ड से रीयल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित निर्णय होगा संभव

व्हाट्सएप, ईमेल और एसएमएस से निवेशकों को मिलेगी हर अपडेट की जानकारी

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में योगी सरकार का एक और बड़ा कदम

राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से जुड़कर यूपी बनेगा निवेशकों की पहली पसंद

लखनऊ
 उत्तर प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (व्यवसाय सुगमता) को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी व निवेशक-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से प्रमुख ऑनलाइन सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम ‘निवेश मित्र 3.0’ विकसित किया जा रहा है। यह नया संस्करण वर्ष 2026 में लॉन्च किया जा सकता है, जो निवेशकों को एक सहज, एकीकृत और इंटेलिजेंट डिजिटल अनुभव प्रदान करेगा। राज्य की निवेश नोडल विंग इन्वेस्ट यूपी इसके विकास को अंतिम रूप दे रही है और इसे बेहतर बनाने के लिए निवेशकों के साथ ही विशेषज्ञों की राय को भी इसमें समाहित किया जा रहा है। 

See also  जनजातीय गौरव को नई पहचान, योगी सरकार ने बदली वंचित समाज की तस्वीर

राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से होगा पूर्ण एकीकरण
‘निवेश मित्र 3.0’ को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यह राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS) से पूरी तरह एकीकृत हो। इससे केंद्र और राज्य स्तर की सभी आवश्यक अनुमतियां, स्वीकृतियां और सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। यह प्रणाली निवेशकों को बार-बार अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाएगी और परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति को तेज करेगी।

आईजीआरएस और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से बढ़ेगी जवाबदेही
योगी सरकार की पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन प्रणाली को और मजबूत करने के लिए ‘निवेश मित्र 3.0’ का IGRS (इंटीग्रेटेड ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम), मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (दर्पण), निवेश सारथी, OIMS और इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक (IILB) से समग्र एकीकरण किया जाएगा। इससे निवेशकों की शिकायतें सीधे IGRS के माध्यम से दर्ज होंगी और उनका रीयल-टाइम मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर तक संभव हो सकेगा। यही नहीं, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर विभागवार प्रगति, लंबित मामलों और निर्णयों की स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई देगी, जिससे अधिकारियों की उत्तरदायित्व तय करने की व्यवस्था और मजबूत होगी।

See also  आसाराम को बड़ी राहत: हाईकोर्ट ने 29 अगस्त तक बढ़ाई अंतरिम जमानत

AI आधारित स्मार्ट डैशबोर्ड होगा खास आकर्षण
‘निवेश मित्र 3.0’ की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित स्मार्ट डैशबोर्ड होगा। इसके माध्यम से रीयल-टाइम डेटा एनालिसिस, निवेश प्रस्तावों की प्रगति की लाइव ट्रैकिंग, विभागीय प्रदर्शन का आंकलन सुनिश्चित होगा, जिससे संभावित अड़चनों की पूर्व पहचान संभव हो सकेगी। यह तकनीक नीति निर्माण से लेकर जमीनी क्रियान्वयन तक डाटा आधारित निर्णय को बढ़ावा देगी।

व्हाट्सएप, ईमेल और एसएमएस से मिलेगी हर अपडेट
निवेशकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस पोर्टल में मल्टी-चैनल कम्युनिकेशन सिस्टम विकसित किया जा रहा है। निवेशक अपने आवेदन की स्थिति, स्वीकृति, आपत्ति या शिकायत निवारण की जानकारी व्हाट्सएप, ईमेल और एसएमएस के माध्यम से सीधे प्राप्त कर सकेंगे। इससे संवाद प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी।

योगी सरकार की निवेश नीति को मिलेगा मजबूत आधार
योगी सरकार पहले ही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, नीतिगत सुधारों, सरलीकृत प्रक्रियाओं और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से उत्तर प्रदेश को निवेश के मानचित्र पर अग्रणी राज्य बना चुकी है। ‘निवेश मित्र 3.0’ इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो न केवल निवेशकों का विश्वास बढ़ाएगा, बल्कि विभागीय दक्षता और प्रशासनिक पारदर्शिता को भी नई ऊंचाई देगा।

See also  कर्नाटक के गृह मंत्री ने नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में FIR दर्ज कराने पर सवर्णों द्वारा हो रहा बहिष्कार एक्शन

आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘निवेश मित्र 3.0’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश में उद्योग स्थापना की प्रक्रिया सरल, समयबद्ध और भ्रष्टाचार मुक्त होगी। यह पहल राज्य को आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगी और रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास व आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति देगी।