सहारा इंडिया के करोड़ों निवेशकों के लिए साल 2025 के अंत में एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई सहारा रिफंड योजना के तहत अब पात्र निवेशकों के बैंक खातों में पैसा वापस आना शुरू हो गया है। लंबे समय से अपने निवेश की वापसी का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह एक बड़ी जीत है। सरकार ने इसके लिए एक समर्पित पोर्टल लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाया गया है। यदि आपका पैसा भी सहारा की विभिन्न सहकारी समितियों में फंसा हुआ है, तो यह जानकारी आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सहारा इंडिया रिफंड योजना का मुख्य उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन निवेशकों को वित्तीय सुरक्षा और न्याय प्रदान करना है, जिन्होंने सहारा समूह की सहकारी समितियों में अपनी मेहनत की कमाई जमा की थी। सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक आदेश के बाद, केंद्र सरकार ने सीआरसीएस (CRCS) सहारा रिफंड पोर्टल की शुरुआत की। इस पोर्टल के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक पात्र निवेशक को उसका पैसा बिना किसी बिचौलिए के सीधे उसके आधार से जुड़े बैंक खाते में प्राप्त हो सके। यह कदम निवेश प्रणाली में विश्वास बहाल करने के लिए उठाया गया है।
रिफंड के लिए पात्र सहारा सहकारी समितियों की जानकारी
सहारा रिफंड योजना के तहत फिलहाल चार मुख्य सहकारी समितियों के निवेशकों को रिफंड दिया जा रहा है। इनमें सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारयन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड शामिल हैं। यदि आपने इन चार समितियों में से किसी में भी निवेश किया है और आपकी निवेश की अवधि पूरी हो चुकी है, तो आप रिफंड के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के हकदार हैं।
रिफंड राशि की सीमा और भुगतान का तरीका
वर्तमान नियमों के अनुसार, सरकार ने रिफंड के लिए एक चरणबद्ध प्रक्रिया अपनाई है। शुरुआती चरण में पात्र निवेशकों को अधिकतम 50,000 रुपये तक की राशि वापस की जा रही है। जिन निवेशकों की जमा राशि इससे अधिक है, उन्हें भविष्य में सरकार द्वारा सीमा बढ़ाए जाने पर अगले चरणों में भुगतान किया जाएगा। भुगतान पूरी तरह से डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किया जाता है, जिसका अर्थ है कि पैसा सीधे आपके उस बैंक खाते में आएगा जो आपके आधार कार्ड से लिंक है।
सहारा रिफंड पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
रिफंड पाने के लिए निवेशकों को सीआरसीएस सहारा रिफंड पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करना होगा। सबसे पहले आपको अपने आधार नंबर के अंतिम चार अंक और आधार से लिंक मोबाइल नंबर का उपयोग करके लॉगिन करना होगा। इसके बाद, आपको अपनी सदस्यता संख्या, जमा खाता संख्या और निवेश से जुड़े प्रमाण पत्रों (बॉन्ड या रसीद) की जानकारी दर्ज करनी होगी। सभी विवरण भरने के बाद एक दावा आवेदन फॉर्म जेनरेट होगा, जिसे डाउनलोड करके, उस पर फोटो चिपकाकर और हस्ताक्षर करके दोबारा पोर्टल पर अपलोड करना होता है।
आवेदन के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सूची
सफल आवेदन के लिए कुछ दस्तावेजों का होना अनिवार्य है। इनमें आपका आधार कार्ड, सहारा इंडिया द्वारा दी गई निवेश की रसीद या बॉन्ड पेपर, बैंक पासबुक की छायाप्रति और आधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर शामिल हैं। यदि आपकी दावा राशि 50,000 रुपये या उससे अधिक है, तो पैन कार्ड की जानकारी देना भी अनिवार्य है। दस्तावेजों को स्पष्ट रूप से स्कैन करके अपलोड करना चाहिए ताकि सत्यापन प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए।
रिफंड स्टेटस चेक करने और पैसा मिलने की समय सीमा
एक बार आवेदन सफलतापूर्वक सबमिट हो जाने के बाद, सहारा सहकारी समितियों द्वारा 30 दिनों के भीतर दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। इसके अगले 15 दिनों के भीतर, यानी कुल 45 दिनों के भीतर, रिफंड की स्थिति स्पष्ट हो जाती है। निवेशक पोर्टल पर जाकर ‘Check Status’ विकल्प के माध्यम से अपने आवेदन की प्रगति देख सकते हैं। यदि आपके आवेदन में कोई विसंगति पाई जाती है, तो उसे सुधारने का अवसर भी पोर्टल पर दिया जाता है।