छत्तीसगढ़ की चित्रों में सजी सांस्कृतिक विरासत, फोटो प्रदर्शनी का आयोजन

रायपुर.

छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति, पारंपरिक नृत्यों और विविध लोक कलाओं को व्यापक जनसमुदाय तक पहुँचाने के उद्देश्य से क्लाउड एवं संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ के सहयोग से एक विशेष फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है।

फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन विधायक पुरंदर मिश्रा ने किया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी राज्य की जनजातीय, ग्रामीण और लोक परंपराओं की जीवंत, कलात्मक और प्रामाणिक झलक प्रस्तुत कर रही है, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त रूप से दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन कला प्रेमियों के साथ-साथ विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, संस्कृति अध्येताओं और आम नागरिकों के लिए भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जानने, समझने और अनुभव करने का एक महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध होगा।

दीपेंद्र दीवान ने बताया कि यह फोटो प्रदर्शनी 02 जनवरी से 04 जनवरी 2026 तक कला वीथिका, महंत घासीदास परिसर, घड़ी चौक, रायपुर में आयोजित की जा रही है। प्रदर्शनी प्रतिदिन प्रातः 11बजे से सायं 7 बजे तक खुली रहेगी । प्रदर्शनी देखने प्रवेश सभी के लिए पूर्णतः निःशुल्क है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस सांस्कृतिक आयोजन से जुड़ कर अपने छत्तीसगढ की सांस्कृतिक वैभव की जानकारी प्राप्त कर सकें।

See also  राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने में रामायण मानस मंडली की महत्वपूर्ण भूमिका : मंत्री अमरजीत भगत

उन्होंने बताया कि यह फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से न केवल दृश्य सौंदर्य प्रस्तुत करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ के लोक जीवन, लोक संस्कृति की विविधता और परंपराओं के संरक्षण का संदेश भी दे रही है। फोटो प्रदर्शनी लगाने का उद्देश्य नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है एंव लोक कलाकारों और शिल्पकारों के योगदान को रेखांकित कर तथा लोक कला के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है।