इंदौर में घर-जमीन खरीदने का बढ़ा क्रेज, विजयनगर और बायपास बने लोगों की पहली पसंद

 इंदौर
 शहर में रियल एस्टेट गतिविधियां लगातार गति पकड़ रही हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में संपत्ति की खरीदी-बिक्री का रुझान बीते वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में 2.28 प्रतिशत बढ़ा है। इस बढ़ोतरी में सबसे बड़ा योगदान विजय नगर स्थित इंदौर-3 पंजीयन कार्यालय का रहा, जहां पंजीयन में 16.51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यहां वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में 4320 अधिक दस्तावेज पंजीकृत हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार विजय नगर, बायपास और देवास नाका क्षेत्र में आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की खरीदी-बिक्री बढ़ी है।
दस्तावेजों के पंजीयन में इजाफा

इंदौर जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल से दिसंबर तक नौ माह की अवधि में पंजीयन कार्यालयों में कुल 1 लाख 26 हजार 328 दस्तावेज पंजीकृत हुए, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष इसी अवधि में 1 लाख 23 हजार 512 दस्तावेज दर्ज हुए थे। इस तरह कुल 2816 दस्तावेज अधिक पंजीकृत हुए। हालांकि, दस्तावेज पंजीयन बढ़ने के बावजूद राजस्व लक्ष्य हासिल करने में विभाग पीछे रहा।

See also  महाकाल नगरी उज्जैन में महाभारत का ‘युद्ध विज्ञान’ जीवंत, पहली बार प्रदर्शित 100+ अस्त्र-शस्त्र

राजस्व संग्रहण और वार्षिक लक्ष्य

इंदौर पंजीयन कार्यालय को 3500 करोड़ रुपये का वार्षिक लक्ष्य दिया गया था, जिसमें नौ माह में 2328 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया जाना था। लेकिन अब तक विभाग केवल 1730 करोड़ रुपये ही एकत्र कर सका है। फिर भी यह राशि वर्ष 2024 की समान अवधि में जुटाए गए 1659 करोड़ रुपये से अधिक है। पंजीयन कार्यालयवार आंकड़ों पर नजर डालें तो नौ माह में इंदौर-4 कार्यालय में सर्वाधिक 34,632 दस्तावेज पंजीकृत हुए, जबकि सबसे अधिक राजस्व 479.08 करोड़ रुपये इंदौर-3 कार्यालय से प्राप्त हुआ।
पुराने क्षेत्रों में मांग कमजोर

मोती तबेला स्थित पंजीयन कार्यालय में दस्तावेज पंजीयन में 15.30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जो शहर के कुछ पुराने क्षेत्रों में संपत्तियों की मांग कमजोर होने का संकेत देती है।