लव स्टोरी की जब बात होती है तो अक्सर हम बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड की फिल्मों तक का जिक्र करते हैं. लेकिन असल प्रेम कहानियां तो हमारे समाज के बीच हैं. जो हर किसी के लिए प्रेरणस्त्रोत हैं. ऐसी ही एक प्रेम कहानी हम आपको बताने जा रहा है कि एक आईएएस अधिकारी की, जिसकी चर्चा खूब हुई थी और गाहे-बगाहे अब भी हो जाती है. यह कहानी हमें बताती है कि किस्मत किसी को भी कब, कहां और कैसे मिला दे, यह हम नहीं जानते.
मिसाल बनी संजय खत्री और विजयलक्ष्मी की लव स्टोरी
आईएएस संजय खत्री और विजयलक्ष्मी की कहानी मिसाल बन चुकी है. यह यादगार प्रेम कहानी है, जो लोगों को प्रेरित करती है और करती लहेगी. संजय और विजयलक्ष्मी की सादगी भरी शादी ने हर किसी का दिल जीत लिया था. दरअसल, यह पूरी कहानी गाजीपुर जिले की है. गाजीपुर जिले में संजय खत्री डीएम बनकर गए थे. इस दौरान वह सार्वजनकि जनसुनवाई कर रहे थे, तभी उनकी जनसुनवाई में विजयलक्ष्मी से मुलाकात हुई. मुलाकात का सिलसिला धीरे-धीरे बढ़ता गया और फिर दोस्ती प्यार में तब्दील हो गई और दोनों एक-दूसरे के साथ शादी के बंधन में बंध गए.
शादी की तस्वीरें हुई थीं वायरल
दोनों की शादी की खूब चर्चा हुई. दोनों की शादी की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुईं. हालांकि धीरे-धीरे पता चला कि विजयलक्ष्मी संजय खत्री के लिए कोई अजनबी नहीं थी. बल्कि उनकी पुरानी जान-पहचान थी. दरअसल, दोनों दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी के दौरान मिले थे. कुछ वजहों से हालांकि उनका रिश्ता आगे बढ़ नहीं पाया. फिर वर्षों बाद जब संजय खत्री गाजीपुर ट्रांसफर हो कर आए तो उनकी मुलाकात एक बार फिर विजयलक्ष्मी से हुई थी.
राजस्थान के रहने वाले हैं संजय खत्री
बता दें कि आईएएस संजय कुमार खत्री राजस्थान के बाड़मेर के रहने वाले हैं. 8वीं तक की पढ़ाई गांव से करने के बाद वह जयपुर शिफ्ट हो गए थे. जेआरआऱएसयू से बीए की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से एलएलबी किया था. करीब 2 साल तक राजस्थान प्रशासनिक सेवा में काम करने के बाद 88वीं रैंक के साथ उनका सेलेक्शन आईएएस के लिए हुआ था. वह साल 2010 बैच के अधिकारी हैं.