एमपी को केंद्र सरकार की बड़ी सौगात: 5 लाख करोड़ के 101 प्रोजेक्ट बदलेंगे राज्य की तस्वीर

भोपाल 

केंद्र में पीएम नरेंद्र मोदी और एमपी में सीएम मोहन यादव की बीजेपी की सरकारें हैं। देशभर में डबल इंजन की सरकारों के इस दौर में राज्य सरकार को खासा लाभ हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह तथ्य उजागर किया। उन्होंने प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप की उपलब्धियां मीडिया से साझा करते हुए बताया कि प्रदेश में केंद्र सरकार के 101 प्रोजेक्ट के काम चल रहे हैं। इन विकास कार्यों से प्रदेश की तस्वीर बदल जाएगी। सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) प्लेटफार्म से देशभर में अटकी हुई निवेश परियोजनाओं को पुन: सक्रिय किया गया है। प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) पर प्रेजेंटेशन दिया।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच परस्पर समन्वय ही हमारी सबसे शक्ति है। जब विभाग आपस में समन्वय से काम करते हैं, तो विकास की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। पहले सामान्यत: बड़ी योजनाएं कागजों पर तो बहुत भव्य दिखती थीं, लेकिन धरातल पर साकार होने से पहले ही विभागों के आपसी तालमेल की कमी के कारण निष्प्रभावी हो जाती थीं। पीएमजी और प्रगति पोर्टल से पुरानी प्रणाली को जड़ से खत्म कर असंभव दिखने वाली परियोजनाओं को साकार किया जा रहा है।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "प्रगति" पोर्टल से देश के विकास में भू-गर्भ संपदा का दोहन देशहित में अधिक प्रभावी तरीके से होगा। भारत सरकार के अधिकारी इस पोर्टल से राज्य तथा अन्य मंत्रालयों में आने वाली प्रक्रियागत कठिनाइयों को समय रहते दूर कर लेंगे। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर पिछली सरकारों ने ध्यान नहीं दिया गया अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में 3 नदी परियोजनाओं पर काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश को विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों से 209 बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात मिली। इनमें से 108 केंद्रीय विकास परियोजनाएं पूरी भी हो चुकी हैं। ये 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ निवेश वाले प्रोजेक्ट हैं।

सीएम मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में अभी 101 केंद्रीय प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। ये विकास प्रोजेक्ट 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के हैं। इनमें रेल मंत्रालय के 14, सड़क परिवहन मंत्रालय के 13, विद्युत मंत्रालय के 5 और नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के भी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट हैं। केंद्र के सहयोग से राज्य सरकार वन्यजीव पर्यटन योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीते अपना घर बना चुके हैं। धार के पीएम मित्र पार्क से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा।

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मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रेजेंटेशन दिया

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रेजेंटेशन में बताया कि प्रगति प्लेटफार्म की शुरूआत 25 मार्च 2015 को हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभारंभ अवसर पर कहा था कि " आज पूरा विश्व भारत को बड़ी उत्सुकता से देख रहा है। ऐसे समय में यह अत्यंत आवश्यक है कि भारत की शासन-व्यवस्था और अधिक प्रभावी, और अधिक संवेदनशील बने। इसी दिशा में 'प्रगति पोर्टल' महत्वपूर्ण कदम है।" प्रगति की 50वीं बैठक 31 दिसम्बर 2025 को हुई। पीएमजी और "प्रगति" पोर्टल से बुनियादी ढांचा विकास परियोजना और नागरिक शिकायतों का तेजी से समाधान सुनिश्चित हुआ।

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मध्यप्रदेश में केंद्रीय परियोजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 209 परियोजाएं पीएमजी पोर्टल की निगरानी में हैं। इसमें प्रमुख रूप से ऊर्जा, परिवहन, दूरसंचार, बिजली उत्पादन, सड़क और राजमार्ग, रेलवे, कोयला, तेल और गैस, मेट्रो रेल, नवकरणीय ऊर्जा एवं शहरी अवसंरचना की परियोजनाएं शामिल हैं।

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मपी ने 97 प्रतिशत समस्याओं को हल किया

पीएमजी समीक्षा में सामने आए केंद्रीय परियोजनाओं के संबंधित 322 मुद्दों में से राज्य सरकार ने 312 का समाधान किया। इसी प्रकार 'प्रगति पोर्टल' से 39 परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इसमें 124 मुद्दे सामने आए जिनमें से 120 का समाधान किया गया। पीएमजी और प्रगति दोनों की समीक्षा में एमपी ने 97 प्रतिशत समस्याओं को हल किया। प्रदेश ऊर्जा और परिवहन केंद्र के रूप में उभरा है, जिसमें सड़क, रेलवे और विद्युत परियोजनाओं का प्रभुत्व है।