नोएडा
दिल्ली एनसीआर के नोएडा सेक्टर-150 में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में पहली गिरफ्तारी हो गई है। ये गिरफ्तारी MZ विशटाउन के बिल्डर और मालिक की हुई है। उसका नाम अभय कुमार है। उसे नॉलेज पार्क पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस में दर्ज FIR में दो बिल्डर एमजेड विश्टाउन और लोटस ग्रीन को नामजद किया गया है।
योगी बोले- 5 दिन में रिपोर्ट सौंपिए
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की जांच रिपोर्ट 5 दिन के अंदर तलब की है। इस मामले को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री ने एक 3 सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया है। उत्तर प्रदेश शासन ने सोमवार को नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम को उनके पद से हटा दिया था। अभी तक नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर किसी की नियुक्ति नहीं हुई है।
SIT जांच पर क्या बोले अधिकारी
मेरठ जोन के एडीजी और एसआईटी हेड भानू भास्कर ने बताया- नोएडा प्राधिकरण टीम, नोएडा जिला अधिकारी, नोएडा पुलिस कमिश्नर समेत सभी लोग वहां मौजूद हैं। हमारी एसआईटी टीम ने जांच शुरू कर दी है। शासन के निर्देशों पर हम पांच दिनों के अंदर इसकी रिपोर्ट दे देंगे। सभी लोगों से बातचीत की जाएगी। सभी से बात करने के बाद देखेंगे कि आखिर किन कारणों से ये एक्सीडेंट हुआ है।
गड्डों की पहचान, सुरक्षा के उपाय के आदेश
सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जीएनआईडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CO) एन जी रवि कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सड़कों पर या उसके आसपास के सभी गड्ढों की पहचान करें। उन्हें तुरंत भरें तथा एक्सीडेंट की आशंका वाली जगहों को बिना किसी देरी के चिह्नित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टर और ब्रेकरों सहित जरूरी सुरक्षा उपाय तीन दिनों के भीतर सभी सड़कों पर लागू किए जाएं।
युवराज की हादसे में ऐसे हुई थी मौत
मृतक इंजीनियर युवराज मेहता की कार 16 जनवरी को निर्माणाधीन स्थल के पास पानी से भरे गड्ढे में गिर गयी थी। उस निर्माणाधीन स्थल पर कोई अवरोधक भी नहीं था। यह गड्ढा एक मॉल के भूमिगत तल के निर्माण के लिए खोदा गया था। इस घटना में लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं।