नई दिल्ली
1.2 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति का प्रबंधन करने वाली कंपनी ब्लैकस्टोन के प्रमुख स्टीफन श्वार्जमैन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बदलती भूमिका पर मुहर लगा दी है। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि भारत उभर चुका है और यह बात उन अधिकांश देशों के लिए नहीं कही जा सकती जिन्हें आप आमतौर पर 'इमर्जिंग मार्केट्स' की श्रेणी में रखते हैं। हाल के दिनों में भारतीय शेयर बाजारों से विदेशी निवेशकों की निकासी पर श्वार्जमैन ने एक अलग नजरिया पेश किया। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार अक्सर बेहद भावुक और अप्रत्याशित होते हैं। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों में भारतीय बाजार का प्रदर्शन शानदार रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी खास समय पर भारत का 'कम फैशनेबल' होना या शेयरों का गिरना एक अल्पकालिक घटना है, जबकि लंबी अवधि में भारत का शेयर बाजार एक 'बुल मार्केट' बना रहेगा।
विकास की अपार संभावनाएं
श्वार्जमैन ने भारत के विकास पथ को आंकड़ों के जरिए समझाया। उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी लगभग 3,000 डॉलर है। चीन की प्रति व्यक्ति जीडीपी लगभग 13,000 डॉलर है वहीं, अमेरिका की प्रति व्यक्ति जीडीपी 70,000 से अधिक है। उन्होंने कहा, "भारत के पास विकास का एक बहुत लंबा रास्ता है। यहां एक स्थिर सरकार है, पूंजी की आवश्यकता है और आबादी के जीवन स्तर में सुधार की गुंजाइश है। यहां के लोग काफी बुद्धिमान और मेहनती हैं। यही भारत के उज्ज्वल भविष्य का फॉर्मूला है।"
10 साल में बदल जाएगी दुनिया
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर चर्चा करते हुए 78 वर्षीय श्वार्जमैन ने इसे बिजली के विकास और स्टीम इंजन के आविष्कार के समान क्रांतिकारी बताया। उन्होंने कहा कि जहां पिछली क्रांतियों को दुनिया बदलने में 50 साल लगे, वहीं AI यह काम महज 10 साल में कर देगा। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में AI को लेकर कुछ अतिशयोक्ति है और कुछ कम पूंजी वाली कंपनियों का मूल्यांकन बहुत ज्यादा हो गया है, लेकिन उन्होंने 1999 या 2007 जैसी किसी बड़ी मार्केट उन्माद की संभावना से इनकार किया।
भारत में ब्लैकस्टोन का विस्तार
ब्लैकस्टोन वर्तमान में भारत में रियल एस्टेट और प्राइवेट इक्विटी में सबसे बड़ा विदेशी प्रत्यक्ष निवेशक है। श्वार्जमैन ने संकेत दिए कि कंपनी अब भारत में इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्राइवेट क्रेडिट के क्षेत्र में भी अपना विस्तार करने की योजना बना रही है।
इंटरव्यू के दौरान एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब श्वार्जमैन ने अपनी पत्नी का फोन सुनने के लिए थोड़ा ब्रेक लिया। फोन पर उन्हें खबर मिली कि उनके बेटे और फिल्म निर्माता टेडी श्वार्जमैन की फिल्म 'ट्रेन ड्रीम्स' को 98वें एकेडमी अवार्ड्स (ऑस्कर) के लिए नामांकित किया गया है। यह खबर सुनते ही उन्होंने खुशी में हवा में मुक्का मारते हुए अपनी जीत का जश्न मनाया।