जैसलमेर आने वाले टूरिस्ट्स को देना होगा ‘यात्री कर’, जोधपुर-बाड़मेर रोड पर बनेंगे 2 टोल नाके

 जैसलमेर
 स्वर्ण नगरी जैसलमेर की खूबसूरती निहारने आने वाले पर्यटकों को अब शहर में प्रवेश के लिए 'यात्री कर' (Entry Tax) देना होगा। जैसलमेर नगर परिषद ने 22 साल के लंबे अंतराल के बाद फिर से पर्यटक वाहनों पर टैक्स लगाने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और गजट नोटिफिकेशन जारी होते ही इसे लागू कर दिया जाएगा।

जैसलमेर एक छोटा शहर है, लेकिन पर्यटन सीजन (अक्टूबर से मार्च) के दौरान यहां लाखों सैलानी और हजारों वाहन पहुँचते हैं। इससे शहर की सफाई व्यवस्था, सड़कों के रखरखाव और ट्रैफिक प्रबंधन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। नगर परिषद के अनुसार, इस कर से मिलने वाले राजस्व का उपयोग शहर के विकास और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए किया जाएगा। कहां लगेंगे टोल नाके और कितना होगा शुल्क?
शहर में प्रवेश के मुख्य रास्तों पर दो टोल नाके बनाए जाएंगे। जोधपुर रोड, यहां से जयपुर, जोधपुर और बीकानेर की ओर से आने वाले पर्यटक वाहन प्रवेश करते हैं।
बाड़मेर रोड : यहाँ से गुजरात और दक्षिण राजस्थान की ओर से आने वाले वाहनों का प्रवेश होता है।
निर्धारित शुल्क : वाहनों की श्रेणी के अनुसार पर्यटकों को 50 रुपये से लेकर 200 रुपये तक की रसीद कटवानी होगी।
किसे मिलेगी छूट और किस पर लगेगा टैक्स?
स्थानीय निजी वाहन : जैसलमेर के स्थानीय निवासियों की निजी कारों/गाड़ियों को इस टैक्स से पूरी तरह छूट दी गई है।
टैक्सी वाहन : जैसलमेर नंबर की लोकल टैक्सियों और बाहर से आने वाली टैक्सियों, दोनों को यह शुल्क देना होगा। यह टैक्स मुख्य रूप से कमर्शियल और पर्यटक वाहनों पर केंद्रित है।
नगर परिषद का पक्ष : नगर परिषद आयुक्त लजपाल सिंह सोढा ने बताया कि पर्यटन सीजन में शहर पर बढ़ते आर्थिक भार को कम करने के लिए यह आवश्यक था। उन्होंने कहा:यात्री कर से सालाना लाखों रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। इस राशि का सही इस्तेमाल पर्यटन स्थलों की सार-संभाल, शहर की सफाई और विकास कार्यों में किया जाएगा।

See also  ट्रंप सरकार ने बदले H-1B वीजा नियम, अब 88 लाख रुपये तक होगी फीस

जैसलमेर में टूरिस्ट सीजन में सैलानियों की बम्पर आवक होती है। इसके चलते नगर परिषद ने शहर में प्रवेश करने वाले पर्यटक वाहनों पर यात्री कर लगाने का फैसला किया है।

पर्यटन सीजन में बढ़ता दबाव बना वजह

जैसलमेर एक छोटा शहर है, लेकिन अक्टूबर से मार्च के पर्यटन सीजन में यहां लाखों पर्यटक पहुंचते हैं।

बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही से शहर की सड़कों पर दबाव बढ़ता है, जाम की स्थिति बनती है और प्रदूषण में भी इजाफा होता है। इन्हीं कारणों से अतिरिक्त बजट की जरूरत महसूस की गई।

कहां कटानी होगी रसीद?

नगर परिषद ने 2 प्रमुख रास्तों पर एंट्री पॉइंट बनाने का फैसला किया है। एक एंट्री गेट जोधपुर रोड पर बनेगा, जहां से जयपुर, जोधपुर और बीकानेर की ओर से आने वाले अधिकतर पर्यटक प्रवेश करते हैं।

दूसरा एंट्री गेट बाड़मेर रोड पर बनाया जाएगा, जहां से गुजरात और दक्षिण राजस्थान की ओर से आने वाले वाहनों का दबाव रहता है।

See also  योगी सरकार की कोशिशों से झांसी के एफपीओ को मिली सफलता, खाद्यान्न और मसालों को मिला एगमार्क

इन नाकों को पार करते समय पर्यटक वाहनों को निर्धारित शुल्क जमा कर रसीद लेनी होगी।

स्थानीय निजी गाडियों को छूट, टैक्सी पर लगेगा टैक्स

नगर परिषद ने साफ किया है कि स्थानीय निवासियों की निजी गाडियों पर यह यात्री कर लागू नहीं होगा। हालांकि, जैसलमेर नंबर की टैक्सी भी इस टैक्स के दायरे में आएगी।

यानी शहर की स्थानीय टैक्सी और बाहर से आने वाली टैक्सी दोनों को एंट्री शुल्क देना होगा। यह टैक्स केवल पर्यटकों और कॉमर्शियल उपयोग में आने वाले वाहनों पर लागू रहेगा।

जैसलमेर नगर परिषद को होगी कमाई

इस पूरे प्रोजेक्ट से नगर परिषद को भारी राजस्व मिलने की उम्मीद है। नगरपरिषद कमिश्नर लजपाल सिंह सोढा ने बताया- यात्री कर से लाखों रुपए सालाना मिलने की उम्मीद है।

इससे सीजन में बढ़ने वाले यात्री भार से शहर की सफाई पर व अन्य भार बढ़ जाता है जिसको लेकर हम उस पैसों का सही इस्तेमाल कर सकेंगे।

See also  एक मकान में 700 मतदाता का मामला निकला झूठा, चुनाव आयोग ने दी सफाई

उस पैसों का खर्च हम पर्यटन स्थलों की सार संभाल व विकास आदि पर कर सकेंगे।नगर परिषद जल्द ही इन नाकों का निर्माण शुरू करेगी और सीजन के चरम पर पहुंचने से पहले इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।