अंबिकापुर
कलेक्टर अजीत वसंत के आदेश एवं अपर कलेक्टर सुनील नायक के निर्देशानुसार खाद्य प्रतिष्ठानों में उपयोग हो रहे खाद्य तेल की गुणवत्ता एवं स्वच्छता की जांच हेतु खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा शहर में सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया।
जांच के दौरान भारत माता चौक स्थित एक प्रतिष्ठित होटल में तेल रिफ्रेक्टोमीटर के माध्यम से खाद्य तेल के घनत्व की जांच की गई, जिसमें तेल का घनत्व 35 मानक पाया गया, जो मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। टीम द्वारा मौके पर ही लगभग 22 लीटर हानिकारक तेल को नष्ट कराया गया। साथ ही उसी तेल से बनाए गए लगभग 250 नग समोसे भी तत्काल नष्ट कराए गए। इसके अतिरिक्त होटल परिसर में काकरोच पाए जाने पर होटल संचालक को नोटिस जारी किया गया।
इसके पश्चात् खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम अभिहित अधिकारी के नेतृत्व में टीम द्वारा रिंग रोड स्थित होटल आरजू का निरीक्षण किया गया, जहां शाकाहारी एवं मांसाहारी खाद्य पदार्थों का पृथक भंडारण नहीं पाया गया। निरीक्षण में काबुली चना, पनीर एवं हरी चटनी को एक ही डीप फ्रीजर में चिकन एवं मटन के साथ भंडारित किया जाना पाया गया। साथ ही होटल की रसोई में बड़ी संख्या में काकरोच पाए गए, जो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।
उक्त गंभीर लापरवाही को देखते हुए दोनों होटल संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। अग्रिम कार्रवाई के तहत संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में संबंधित फर्मों के लाइसेंस निलंबन की कार्यवाही की जाएगी।खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सभी खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों को खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं नियमों के पालन के निर्देश दिए हैं।