विरासत और विकास के साथ उत्तर प्रदेश का आगे बढ़ना आधुनिक रामराज्य की अनुभूति हैं – मुख्यमंत्री

विरासत और विकास के साथ उत्तर प्रदेश का आगे बढ़ना आधुनिक रामराज्य की अनुभूति हैं – मुख्यमंत्री  

एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष केवल जनता को गुमराह कर रहा है, प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है – मुख्यमंत्री  

उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029-30 तक देश की नंबर वन अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है – सीएम योगी आदित्यनाथ

लखनऊ
उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज राज्यपाल के अभिभाषण पर व्यक्तव्य देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि विपक्ष केवल जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन सत्यापन (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे विरोध पर आपत्ति जताई और कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है तथा भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि फॉर्म 7 के माध्यम से यदि किसी नाम पर आपत्ति दर्ज की जाती है तो निर्वाचन आयोग उसका सत्यापन करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष समाज को माता के नाम, शंकराचार्य के नाम और एसआईआर के नाम पर भ्रमित किया जा रहा है, जबकि सरकार का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है। यदि संबंधित व्यक्ति स्वयं उपस्थित होकर यह प्रमाणित करता है कि वह जीवित है और आपत्ति गलत है, तो वह आपत्ति तत्काल निरस्त कर दी जाती है। मुख्यमंत्री ने प्रश्न उठाया कि विपक्ष पारदर्शी व्यवस्था का समर्थन क्यों नहीं कर रहा है। 

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मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार एब्सेंट, शिफ्टिंग और डेथ (एएसडी) श्रेणी में कुल 2 करोड़ 88 लाख से अधिक नाम ऐसे हैं जो सत्यापन में सामने नहीं आए या जिनके संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त नहीं हुई। इनमें 46 लाख 23 हजार मृतकों के नाम शामिल हैं। लगभग 1 करोड़ 39 लाख लोग स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं, लेकिन उनके नाम सूची में बने हुए थे। 25 लाख 47 हजार डुप्लिकेट प्रविष्टियां पाई गई हैं, जबकि लगभग 80 लाख नाम एब्सेंट श्रेणी में हैं। अन्य नाम विभिन्न श्रेणियों में आते हैं।

उन्होंने सरकार की बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था, सुरक्षा और सुविधाओं का उल्लेख करते हुए माघ मेला की सफलता का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 के कुंभ में लगभग 12 करोड़ श्रद्धालु आए थे, जबकि वर्तमान माघ मेला में अब तक 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने इसे बेहतर सरकार के प्रति जनता के विश्वास का प्रमाण कहा।

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मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें सरकार की उपलब्धियों और भावी योजनाओं का स्पष्ट विवरण था। यदि विपक्ष ने उसे ध्यानपूर्वक सुना होता तो ऐसे प्रश्न नहीं उठते। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित है, अपराधियों में भय है, गरीबों को सम्मान मिल रहा है, किसान सशक्त हो रहे हैं, महिलाओं में सुरक्षा की भावना है और युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। गांवों तक बिजली पहुंच चुकी है और प्रदेश में विकास की नई चेतना दिखाई दे रही है।

मुख्यमंत्री ने इसे आधुनिक रामराज्य की अनुभूति बताते हुए कहा कि प्रदेश में विरासत और विकास साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं। सरकार जन कल्याण, रोजगार सृजन, निवेश विस्तार और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से राज्य को सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 2029-30 तक उत्तर प्रदेश को देश की नंबर वन अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और हमारी सरकार उसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने सदन के सभी सदस्यों, अध्यक्ष और चर्चा में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

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