परेशान करने वाला विडियो, छात्रों का नन के साथ अश्लील शब्दों का प्रयोग, छात्रों के बर्ताव की कड़ी आलोचना

एक वीडियो में कुछ छात्र एक नन को परेशान करते और भद्दी बातें कहते दिख रहे हैं। ये वीडियो रेडिट पर शेयर होने के बाद ऑनलाइन खूब वायरल हो गया है और लोग इस पर गुस्सा जता रहे हैं। यूजर्स ने छात्रों के इस बर्ताव की निंदा की। एक परेशान करने वाला वीडियो ऑनलाइन वायरल हो रहा है। कुछ छात्र एक नन को परेशान कर रहे हैं। इस क्लिप में कुछ छात्र भद्दी बातें कहते और नन का नाम एडल्ट फिल्म एक्टर्स से जोड़ते हुए सुनाई दे रहे हैं। वीडियो रिकॉर्ड करते हुए एक छात्र ने बार-बार पूछा कि क्या वह कई एडल्ट कलाकारों का नाम लेते हुए ‘ब्राजर्स टीम के लिए खेलेगी’?

 

 

वीडियो में नन ने इन बातों का कोई जवाब नहीं दिया। घटना की सही जगह और तारीख की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, रेडिट पर शेयर होने के बाद यह क्लिप तेजी से फैल गई, जहां यूजर्स ने इस बर्ताव की कड़ी आलोचना की। चौंकाने वाली बात यह है कि छात्र नन से अंग्रेजी में बात करते हुए कुछ हिंदी गालियों का भी इस्तेमाल करते हैं।

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इस वीडियो पर सैकड़ों कमेंट्स आए, जिनमें छात्रों के बर्ताव की निंदा की गई। कई यूजर्स ने इस व्यवहार को ‘घटिया’ और ‘घिनौना’ बताया और महिलाओं व धार्मिक हस्तियों के सम्मान को लेकर चिंता जताई।

कई कमेंट करने वालों ने कहा कि यह घटना बच्चों को सहानुभूति, विनम्रता और सामान्य शिष्टाचार सिखाने में नाकामी को दिखाती है। वहीं, दूसरों का तर्क था कि कम उम्र में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया तक आसान पहुंच बच्चों के व्यवहार और नजरिए को प्रभावित कर रही है।

 

 

कुछ यूजर्स ने खराब पेरेंटिंग को दोषी ठहराया और कहा कि संस्कार घर पर सिखाए जाने चाहिए। दूसरों ने कहा कि शिक्षा में सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि नैतिक शिक्षा भी शामिल होनी चाहिए। कई कमेंट करने वालों ने एडल्ट कंटेंट पर पूरी तरह से बैन लगाने की मांग को भी खारिज कर दिया और कहा कि सामाजिक व्यवहार की समस्याओं को सिर्फ बैन लगाकर हल नहीं किया जा सकता।

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ऑनलाइन बहस सिर्फ इस एक घटना तक सीमित नहीं रही। कई लोगों ने बच्चों के बिना निगरानी के स्मार्टफोन इस्तेमाल करने पर चिंता जताई। कुछ ने कहा कि अगर सही मार्गदर्शन न मिले तो कम उम्र में ऑनलाइन आपत्तिजनक सामग्री देखने से बच्चों का व्यवहार प्रभावित हो सकता है। वहीं, कुछ लोगों का तर्क था कि असली मुद्दा टेक्नोलॉजी नहीं है।

 

 

असली समस्या दूसरों के प्रति नजरिया और सम्मान की कमी है। कई कमेंट्स के मुताबिक, सार्वजनिक जगहों पर जिम्मेदारी से व्यवहार करना सिखाने के लिए परिवारों और स्कूलों से मजबूत मार्गदर्शन की जरूरत है। अधिकारियों ने अब तक इस वीडियो से संबंधित किसी भी जांच की घोषणा नहीं की है। यह भी साफ नहीं है कि छात्रों से जुड़े स्कूल या संस्थान ने कोई कार्रवाई की है या नहीं।