राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना (State Dairy Entrepreneurship Development Scheme – RDUVY)
मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में दूध उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकारों द्वारा चलाई जाने वाली एक सब्सिडी आधारित योजना है। यह योजना नाबार्ड (NABARD) के सहयोग से या राज्य सरकार के पशुधन विकास विभाग द्वारा कार्यान्वित की जाती है।
योजना की मुख्य विशेषताएँ (छत्तीसगढ़ के संदर्भ में)
- उद्देश्य: छोटे और सीमांत किसानों, ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना।
- अनुदान (Subsidy):
- सामान्य वर्ग (General Category): परियोजना लागत का 50%।
- एससी/एसटी वर्ग (SC/ST Category): परियोजना लागत का 66.6% तक।
- इकाई का आकार: कम से कम 2 दुधारू पशु (गाय या भैंस) से डेयरी शुरू की जा सकती है।
- कुल लागत: 2 दुधारू पशुओं की डेयरी यूनिट की कुल लागत लगभग 1.40 लाख रुपये है।
- सब्सिडी राशि: सामान्य वर्ग को 70,000 रुपये और एससी/एसटी वर्ग को 93,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है।
पात्रता मानदंड (Eligibility)
- छत्तीसगढ़ राज्य का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
- किसान, ग्रामीण युवा, पशुपालक, या स्वयं सहायता समूह।
- आवेदक की आयु 21 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
- डेयरी स्थापना के लिए आवश्यक जमीन (अपना या लीज पर) होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र (मूल निवासी)
- पशुपालन/डेयरी ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट (यदि कोई हो)
- बैंक खाता पासबुक
- पासपोर्ट साइज फोटो
- अनुसूची जाति/जनजाति का प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
आवेदन कैसे करें?
- पशुधन विकास विभाग की वेबसाइट पर जाएं या स्थानीय पशु चिकित्सालय (Veterinary Hospital) से संपर्क करें।
- आवेदन पत्र डाउनलोड करें या प्राप्त करें।
- फॉर्म भरें और सभी दस्तावेज संलग्न करें।
- फॉर्म को संबंधित जिले के पशुधन विकास कार्यालय/गव्य विकास अधिकारी के पास जमा करें।
- विभाग द्वारा परियोजना की जांच की जाएगी और बैंक के माध्यम से ऋण/सब्सिडी स्वीकृत की जाएगी।
https://agriportal.cg.nic.in/ahd/state_schemes/1_Rajya_Dairy_Udhyamita_Vikas_Yojna.pdf