CG : पति को सर्पदंश बताकर लिया मुआवजा, जांच के बाद पत्नी गिरफ्तार, आहात बेटे ने लगाई फांसी

तखतपुर क्षेत्र से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां मां की गिरफ्तारी से आहत एक युवक ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पंचनामा की कार्रवाई जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम चना डोंगरी निवासी उर्वशी श्रीवास के खिलाफ सर्पदंश से मृत्यु के नाम पर फर्जी तरीके से आर्थिक सहायता राशि प्राप्त करने का मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि उर्वशी श्रीवास ने अपने पति पुरुषोत्तम श्रीवास की मृत्यु ‘सर्पदंश’ से होने का दावा करते हुए तखतपुर तहसीलदार को आवेदन प्रस्तुत किया था। इस आधार पर शासन की ओर से चार लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत कर दी गई थी।
हालांकि, जब इस प्रकरण की गहराई से जांच कराई गई, तो कई गंभीर विसंगतियां उजागर हुईं। कलेक्टर संजय अग्रवाल के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय जांच दल — जिसमें तहसीलदार, संबंधित थाना प्रभारी और चिकित्सा अधिकारी शामिल थे। अपनी रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे। जांच में पाया गया कि जिस मर्ग क्रमांक 23/2022 का हवाला देकर सहायता राशि ली गई थी, वह वास्तव में किसी अन्य व्यक्ति, शोभाराम कौशिक, से संबंधित था, जिसने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। सरकारी अभिलेखों में पुरुषोत्तम श्रीवास के सर्पदंश से निधन का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
मामले में एक और महत्वपूर्ण खुलासा तब हुआ जब तत्कालीन तखतपुर तहसीलदार शशांक शेखर शुक्ला ने सहायता राशि जारी करने से संबंधित आदेश पत्र पर किए गए हस्ताक्षरों को फर्जी बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दस्तावेज पर किए गए हस्ताक्षर उनके नहीं हैं और यह जालसाजी का मामला है। जांच के दौरान मृतक के ससुर और साले के बयान भी दर्ज किए गए, जिन्होंने उर्वशी श्रीवास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए। उनके अनुसार, पुरुषोत्तम श्रीवास की मृत्यु घर पर हुई थी और उसे सांप ने मौत से लगभग 2-3 महीने पहले काटा था, जिससे उसे लकवा मार गया था। मृत्यु के समय सर्पदंश जैसी कोई तात्कालिक घटना नहीं हुई थी और न ही पोस्टमार्टम कराया गया था।
कूटरचित दस्तावेज, जाली हस्ताक्षर और शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप में तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस ने उर्वशी श्रीवास के खिलाफ जुर्म दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान महिला को थाने लाने के लिए उसके बेटे को कहा गया था। युवक मां को थाने छोड़कर घर लौटा, जिसके बाद उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। वहीं, इस मामले में एडिशनल एसपी मधुलिका सिंह ने महिला की गिरफ्तारी की पुष्टि की है, लेकिन युवक के आत्महत्या करने की जानकारी से इंकार किया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है।
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