बदायूं में बड़ी कार्रवाई: 179 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्त, 663 का मानदेय रोका

बदायूं

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा पोषाहार वितरण में की जा रही लापरवाही के मामले में सख्त रुख अपनाया गया है। फरवरी माह समाप्त होने को है और अब तक 30 प्रतिशत पोषाहार का वितरण नहीं किया जा सका है। समीक्षा के दौरान लापरवाही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चिन्हित किया गया। इसमें 179 कार्यकर्ताओं को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है, जबकि 663 कार्यकर्ताओं का मानदेय रोक दिया गया है।

जिले में 2940 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों पर 1,77,950 गर्भवती/धात्री महिलाओं व 0-6 वर्ष के बच्चों को पोषाहार उपलब्ध कराया जा रहा है। इन्हें नैफेड से प्राप्त दलिया, दाल और खाद्य तेल प्रतिमाह वितरण चेहरा प्रमाणीकरण व्यवस्था के माध्यम से किया जाता है। इसके अतिरिक्त फोर्टिफाइड चावल कोटेदारों के जरिए उपलब्ध कराया जाता है।

बदायूं: पोषाहार वितरण में सबसे कम प्रगति वाले विकासखंड

विकासखंड (Block)

प्रगति प्रतिशत (Progress %)

स्थिति (Status)

जगत

46%

सबसे खराब प्रदर्शन

उसावां

57%

औसत से कम

बिसौली

59%

औसत से कम

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जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि फरवरी माह में चेहरा प्रमाणीकरण व्यवस्था के तहत अब तक केवल 67 प्रतिशत पोषाहार का वितरण हो सका है, जबकि माह समाप्त होने में दो दिन शेष हैं। इससे साफ है कि लगभग 30 प्रतिशत से अधिक पोषाहार अभी भी केंद्रों पर अवितरित पड़ा है, जिसे निर्धारित समय में वितरित किया जाना है।

उन्होंने बताया कि जब इसकी समीक्षा की गई तो कम वितरण करने वाली कुल 179 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के नाम सामने आए। इनके विरुद्ध सेवा समाप्ति की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। इन कार्यकर्ताओं के द्वारा पोषाहार वितरण शून्य से 10 प्रतिशत के बीच पाया गया है।

बताया कि सेवा समाप्ति नोटिस जिन कार्यकत्रियों को जारी किए गए हैं उनमें प्रमुख रूप से दातागंज के बिहारीपुर गांव की सीमा, जगत के गांव खुनक की कमलेश, कादरचौक के गांव लालूपुर नगरिया की आरती कुमार, सहसवान के गांव सेमरा बनवीरपुर की प्राना देवी, अंबियापुर के गांव सबदलपुर की परवीन शामिल हैं।

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इसके अलावा पोषाहार कम वितरण करने वाली कुल 663 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय रोकने का नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया दो दिन में पोषाहार न वितरण होने पर पोषाहार के मूल्य के बराबर धनराशि की वसूली की जाएगी।