उद्योग–बैंकर संवाद कार्यशाला में समन्वय को नई दिशा

बिलासपुर

जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में रेजिंग एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (RAMP) कार्यक्रम अंतर्गत उद्योग–बैंकर संवाद कार्यशाला का आयोजन होटल सिटी, बिलासपुर में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा किया गया। कार्यशाला में सीईओ जिला पंचायत संदीप अग्रवाल, छत्तीसगढ़ लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष हरीश केडिया, जिला उद्योग संघ के महासचिव शरद सक्सेना, सीजीएम सीएस टेकाम,जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक  दिनेश उरांव सहित विभिन्न राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे।

समन्वय और समाधान पर केंद्रित रही बैठक

कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य उद्यमियों एवं बैंकों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर शासकीय योजनाओं के अंतर्गत ऋण प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है। विशेष रूप से पीएमईजीपी, पीएमएफएमई, महिला उद्यमिता एवं एमएसएमई इकाइयों से जुड़े प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर  अग्रवाल ने बैंकों में लंबित प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए पात्र आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रक्रियाओं में पारदर्शिता एवं तत्परता लाकर ही स्थानीय उद्योगों को गति दी जा सकती है। उन्होंने उद्योग विभाग एवं बैंकों के बीच नियमित समन्वय बैठक आयोजित करने पर भी बल दिया।

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योजनाओं की प्रगति और समस्याओं पर खुला संवाद

डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन (डीआरपी) द्वारा पीएमएफएमई योजना के आवेदकों को आ रही व्यावहारिक समस्याओं को साझा किया गया। उद्योग संघ के प्रतिनिधियों ने बैंक अधिकारियों से संवाद को और प्रभावी बनाने तथा समय-समय पर संयुक्त बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के औद्योगिक भ्रमण का प्रस्ताव भी रखा गया, जिससे बैंक अधिकारी जमीनी स्तर पर इकाइयों की प्रगति का आकलन कर सकें। बैंकों के प्रतिनिधियों ने पात्र एवं पूर्ण दस्तावेज वाले प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य महाप्रबंधक द्वारा सभी अतिथियों, बैंक अधिकारियों एवं उद्यमियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि इस प्रकार के संवाद भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे उद्योगों के विकास को सतत गति मिलती रहे।