चेहरे पर उदासी, दिल में ग़म; ईरान की महिला फुटबॉलरों ने नहीं गाया राष्ट्रगान

तेहरान 

अमेरिका और इजरायल से युद्ध के बीच ईरान की महिला फुटबॉल टीम एशियन कप में खेल रही है। इस दौरान महिला खिलाड़ियों ने अलग ढंग से अपना विरोध जताया। ईरान की महिला फुटबॉल टीम ने एशियन कप में दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच से पहले इस्लामिक शासन का राष्ट्रगान गाने से इनकार कर दिया। महिला एशियाई कप फुटबॉल टूर्नामेंट में जहरा घनबारी की अगुआई वाली ईरान की टीम को दक्षिण कोरिया से हार का सामना करना पड़ा।

उदास नजर आईं खिलाड़ी
राष्ट्रगान के दौरान ईरान की खिलाड़ी उदास दिख रही थीं। वहीं, मैच से पहले मुख्य कोच मरजियाह जाफरी ने हमले और अपने देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर बयान देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि टीम को टूर्नामेंट पर फोकस करने की जरूरत है। हालांकि गोल्ड कोस्ट स्टेडियम में समर्थकों को देखकर उनके चेहरे पर मुस्कुराहट भी दिखी।

पहले मैच में हार
हालांकि ईरान की टीम को इस मैच में हार का सामना करना पड़ा। 2022 महिला एशियाई कप की उप विजेता रही दक्षिण कोरिया की टीम ने 3-0 से जीत हासिल की। टूर्नामेंट में ईरान टीम का लक्ष्य अगले साल ब्राजील में होने वाले महिला विश्व कप में जगह पक्की करना है। इसके लिए ऑस्ट्रेलिया में उसे कम से कम क्वॉर्टर फाइनल में पहुंचना होगा। ईरान का अगला मैच बृहस्पतिवार को मेजबान ऑस्ट्रेलिया से होगा।

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कैसा है युद्ध का हाल
गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला बोला है। इसके जवाब में ईरान भी हमलावर है और मध्य पूर्व के विभिन्न देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमला बोला है। वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए एक बड़े हमले में मौत हो गई है। इस घटना ने ईरान के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है और क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा बढ़ा दिया है। 86 वर्षीय खामेनेई की तेहरान के मध्य क्षेत्र में उनके परिसर को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में मौत हुई।