देश के ज्यादात्तर हिस्सों में मार्च में ही भीषण गर्मी महसूस होने लगी है। गर्मी अप्रैल में महसूस होती थी अब वह मार्च में ही महसूस होने लगी है। धूप इतनी तेज है कि लोग घरों से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं। अगले दो दिन मौसम करवट ले सकता है।
ऐसा इसलिए क्योंकि अगले दो दिनों में झारखंड के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। यही नहीं इस दौरान गरज के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। बारिश की संभावना तो जताई गई है, लेकिन उसके बावजूद भी गर्मी से कोई राहत नहीं मिलती दिख रही है।
एक अधिकारी के मुताबिक मंगलवार और बुधवार को 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही गरज के साथ बारिश की भी संभावना जताई गई है। बारिश के चलते अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। मंगलवार को राज्य के नौ उत्तर-पूर्वी जिलों में हल्की बारिश हो सकती है तो वहीं अगले दिन यानी बुधवार को पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम सहित दक्षिण-पूर्वी हिस्से के तीन जिलों समेत कुल 12 जिलों में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इन स्थितियों को देखते हुए कुछ जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
उत्तराखंड में मौसम की आंखमिचौली देखी जा रही है। पहाड़ों में भी गर्मी महसूस की जा रही रही है। हालांकि IMD की मानें तो उत्तराखंड मौसम बदलने वाला है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में गरज चमक के साथ हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली जगहों पर बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में 15 मार्च तक मौसम खराब रह सकता है। वहीं मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा।
हिमाचल प्रदेश में मार्च के महीने में ही मौसम का मिजाज तेजी से बदलता दिख रहा है और कई इलाकों में गर्मी अचानक बढ़ गई है। बीते 24 घंटों के दौरान सुंदरनगर, भुंतर, धर्मशाला और सोलन में लू का असर देखने को मिला, जहां अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने वाला है। इसके प्रभाव से 11, 12, 14 और 15 मार्च को प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।